छत्तीसगढ़

कोरबा: माँ ने चिट्ठी रख बच्चों को छोड़ा स्टेशन पर, लिखा मैं मजबूर हूं।

रविवार की देर रात स्टेशन पर यात्रियों ने दोनों बच्चों को रोते-बिलखते देखा और आरपीएफ को इसकी जानकारी दी।

रविवार की देर शाम गेवरा स्टेशन पर लोगों को दो मासूम रोते-बलखते मिले। करीब 3 और 4 साल के इन बच्चों को इनकी मां ने स्टेशन पर छोड़ दिया था।

बच्चों के पास से एक पर्ची मिली, जिसमें लिखा था- जिन्हें यह बच्चे मिलें, कृपया इन्हें अनाथ आश्रम में छोड़ दें, मैं मजबूर हूं।

इसके बाद बच्चे ने मां का नाम सपना और घर का पता हरदी बाजार बताया। ढूंढ़ते हुए पुलिस मां सपना तक जा पहुंची। समझाइश दे कर बच्चों को पुलिस ने मां के सुपुर्द किया है।

रविवार की देर रात स्टेशन पर यात्रियों ने दोनों बच्चों को रोते-बिलखते देखा और आरपीएफ को इसकी जानकारी दी।

इसके बाद बच्चों से उनकी मां का नाम और पता पूछा। आरपीएफ ने हरदी बाजार पुलिस से संपर्क कर उसकी मां की पतासाजी में मदद मांगी।

पेट्रोलिंग टीम को पता चला कि एक महिला ऑटो से हड़बड़ाते हुए स्टेशन के पास से कहीं गई है। बाद में पता चला कि महिला हरदी बाजार में रहती है।

पुलिस महिला को ढ़ूंढते हुए उसके पास पहुंची। पहले तो वह टालमटोल करने लगी, लेकिन बाद में उसने बच्चों को स्टेशन में छोड़ने की बात स्वीकार कर ली।

महिला के अनुसार बच्चों का पिता निरंजन सूर्यवंशी है जो सीपत का रहने वाला है। महिला ने अपने पति से अंतरजातीय विवाह किया था, लेकिन बाद में ससुराल वालों ने उसे स्वीकार नहीं किया।

अपने आप को मजबूर और लाचार बताते हुए बच्चों को स्टेशन में छोड़ गई थी।

 

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कोरबा: माँ ने चिट्ठी रख बच्चों को छोड़ा स्टेशन पर, लिखा मैं मजबूर हूं।
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