कोरबा : राजस्व मंत्री ने हरियाली रथ को किया रवाना

पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ज्यादा से ज्यादा वृक्षों का रोपण एवं पोषण बहुत आवश्यक है। वृक्षों की अधिकता ही भू-जल स्तर और पर्यावरण को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है।

अरविन्द शर्मा

कोरबा 25 जून। पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ज्यादा से ज्यादा वृक्षों का रोपण एवं पोषण बहुत आवश्यक है। वृक्षों की अधिकता ही भू-जल स्तर और पर्यावरण को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है। वृक्षों के संवर्धन से ही जीवन के अस्तित्व को कायम रखा जा सकता है। इस पुनीत कार्य को आगे बढ़ाने में सरकार अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन आम नागरिकों से अपेक्षा है कि हरियाली संवर्धन महाभियान को आगे बढ़ाते हुए निरंतर जारी रखें और इसके लिए हर नागरिक अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।कोरबा : राजस्व मंत्री ने हरियाली रथ को किया रवाना

मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा 

उक्त उद्गार प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा स्थित अपने निवास से कोरबा वन मण्डल द्वारा घर पहुंच सेवा अभियान के तहत वितरित किए जानेवाले फलदार और छायादार पौधों के निःशुल्क वितरण व्यवस्था के तहत हरियाली रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करने से पूर्व व्यक्त किए। मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के मंशानुरूप मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन एवं हरियाली प्रसार योजना के तहत गैर वन क्षेत्रों में वृक्षारोपण हेतु कोरबा वन मण्डल द्वारा संचालित इस हरियाली रथ के माध्यम से घर पहुंच सेवा के तहत शहरवासियों के आँगन एवं बाड़ियों में लगाने हेतु फलदार एवं छायादार पौधों का उपलब्धता के आधार पर हितग्राही की इच्छानुसार वितरण किया जाएगा।

इस मौके पर उपस्थित नागरिको को अपने हांथों पौधों का वितरण करते हुए मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा है कि लोग अपनी सुविधानुसार ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगावें और उन्हें पोषित भी करें। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आपसी सहयोग एवं तालमेल से सुंदर वातावरण का निर्माण कर वसुंधरा का श्रृंगार करने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इस अवसर पर उपस्थित कोरबा वन मण्डलाधिकारी प्रियंका पाण्डेय ने समस्त कोरबावासियों से आग्रह किया है कि सरकार की इस अभिनव योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठावें और पर्यावरण के संवर्धन एवं संरक्षण के इस पावन अभियान में सहभागी बनें क्योंकि वन है तो जल है और जल से ही कल का जीवन है। इसलिये वृक्षों के संरक्षण एवं संवर्धन में उत्साहपूर्वक बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभाएं।

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