कोटा के पूर्व जनपद सदस्य पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

भरत ठाकुर

बिलासपुर। कोटा के पूर्व सदस्य द्वारा फर्जी एनजीओ के नाम से राशि आहरण कर शासकीय राशि में हेराफेरी करने पर पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने एसपी के निर्देश पर आरोपी जनपद सदस्य के खिलाफ यह कार्रवाई की है।

पुलिस के अनुसार मामला कोटा जनपद पंचायत का है। वर्ष 2011 में बेलगहना निवासी तत्कालीन जनपद सदस्य मनोज कुमार गुप्ता पर आर्थिक गबन का आरोप है। दो जुलाई 2011 को केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत स्वरोजगार प्रशिक्षण के लिए कोरबा के आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड हाईजीन समिति को प्रशिक्षण व सामग्री प्रदान करने का आदेश मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने दिया था।

इस कार्य में अनियमितता की गई थी। मामले की जांच की जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु गुप्ता को सौंपी गई थी और उन्हें प्रकरण का परीक्षण कर जनपद पंचायत की सामान्य सभा में रिपोर्ट रखने भी कहा गया था।

बीते दिनों बैठक में इस प्रकरण को रखा गया, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आई है। जांच में प्रथम दृष्टया एनजीओ का पंजीयन नहीं होने पर उसके फर्जी होने की आशंका जताई गई है। इसी तरह चेक पंजी में उक्त संस्था के अध्यक्ष को चेक देने का उल्लेख है।

जबकि चेक करगीरोड शाखा की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक के नाम पर जारी किया गया है। तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर दबाव डालकर जनपद सदस्य मनोज कुमार ने आपराधिक षड़यंत्र कर शासकीय राशि गबन किया है।

जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर जनपद पंचायत की सामान्य सभा ने आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही कोटा थाने व एसपी को शिकायत देकर अपराध दर्ज करने की मांग की गई। एसपी आरिफ शेख के निर्देश पर कोटा पुलिस ने जनपद पंचायत अध्यक्ष लखनलाल पैकरा की रिपोर्ट पर आरोपी मनोज के खिलाफ धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है।

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