कोविड गुरुकुल: विशेषज्ञ पढ़ाएंगे कोरोना से बचाव के पाठ

कोरोना वायरस से बचाव के लिए नीम-हकीमी विशेषज्ञों की राय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती रहती है

दिल्ली: देश में कोरोना के तीसरे लहर के आने की आशंका है और इस महामारी के संक्रमण से लोगों के बचाव के लिए केंद्र सरकार की ओर से अनेक कदम उठाए जाने के साथ ही जागरूकता फैलाने का भी काम किया जा रहा है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए नीम-हकीमी विशेषज्ञों की राय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती रहती है, जिसकी वजह से कई लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है, लेकिन अब सरकार एक नई पहल लेकर आई है – ‘कोविड गुरुकुल’। इसके जरिए देश के ‘डॉक्टर बाबू’ सोशल मीडिया पर सटीक जानकारी देंगे। बीते सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जागरूकता अभियान के तहत ‘कोविड गुरुकुल’ को लॉन्च किया है।

आधी-अधूरी जानकारी पर लगेगी रोक

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया पर देश के जाने-माने विशेषज्ञों की ओर से दी जाने वाली सलाह का वीडियो जारी किया जाएगा, ताकि लोगों को सोशल मीडिया के जरिए कोरोना से बचाव को लेकर सटीक और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। सरकार की ओर से यह कदम सोशल मीडया पर वायरल होने वाले तथ्यहीन सामग्रियों पर रोक लगाने और लोगों तक सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है। खासकर, व्हाट्सएप के जरिए आधी-अधूरी जानकारी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना ही होगा

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे कहा कि याद रहे कि कोरोना से संबंधित कोविड अप्रोप्रिएट बिहेवीयर यानी मास्क का इस्तेमाल, फिजिकल डिस्टेंसिंग यानी दो गज की दूरी और हैंड हाइजीन पर हम लगातार अमल करते रहें। संयुक्त स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि जरूरी है कि हम कोविड गुरुकुल से जुड़े रहें और कोरोना को हराने में अपना योगदान देते रहें।

डेल्टा वैरियंट में है तेज गति से फैलने की क्षमता

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ट्वीट किए गए करीब 2.14 मिनट के वीडियो में कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोरोना वायरस एक एमआरएन वायरस है और यह हमेशा म्यूटेंट करके अपना स्वरूप बदलता रहता है। उन्होंने कहा कि वायरस के स्वरूप बदलने के साथ ही इसके संक्रमण का स्वरूप भी बदलता रहता है। डॉ. पॉल ने कहा कि डेल्टा वायरस में कोरोना के ऑरिजनल वायरस से कहीं तेजी से संक्रमण फैलाने की क्षमता है।

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