कुमारस्‍वामी की कुर्सी बचाने के लिए देवगौड़ा ने संभाली कमान

- बातचीत कर कांग्रेस नेताओं से कर रहे हैं दोस्‍ती

नई दिल्ली।

कर्नाटक में कांग्रेस से गठबंधन कर जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी सीएम तो बन गए, लेकिन कांग्रेस नेताओं के साथ उनके मतभेद अभी तक जारी हैं। इस बात के संकेत खुद कुमारस्वामी ने भी कई मौकों पर दिए हैं।

इसका सीधा असर सरकारी कामकाज पर पड़ा है। विवाद थमता न देख अब कुमारस्वामी के पिता और पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने गठबंधन सरकार को ठीक से चलाने के लिए खुद एक परिवार के मुखिया की तरह कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर मनमुटाव दूर करने में जुट गए हैं। ताकि उनके बेटे कुमारस्वामी की सरकार चल सके।

-गुंडुराव से की गुफ्तगू की

इसकी शुरुआत उन्होंने कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव ने शनिवार शाम को पूर्व पीएम और जेडीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवगौड़ा के साउथ बेंगलुरु स्थित आवास पर मुलाकात की। प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने के बाद गुंडुराव की देवगौड़ा के साथ ये पहली मुलाकात थी।

बता दें कि देवगौड़ा के नेतृत्व में ये वही जेडीएस है जिसने 1983 में गुंडुराव के पिता आर गुंडुराव की सरकार गिराई थी और पहली बार कर्नाटक में गैर-कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाई।

हालांकि राजनीतिक साजिशों के चलते देवगौड़ा को सीएम की कुर्सी आउटसाइडर रामकृष्ण हेगड़े के लिए छोड़नी पड़ी थी। आर गुंडुराव साल 1972 में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। इस समय तक देवगौड़ा तीन बार विधायक चुने जा चुके थे। राजनीतिक करियर की बात करें, तो देवगौड़ा आर गुंडुराव से 10 साल सीनियर भी थे। बाद में आर गुंडुराव 1980 से 1983 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे हैं।

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