कुमकी’ हाथी खेल रहे फुटबॉल, भोजन और प्रशिक्षण पर खर्च हो चुके हैं 80 लाख

तीजा के बाद पत्नी को लेने जा रहा युवक बाल -बाल बचा

महासमुंद। सिरपुर क्षेत्र के पासिद कैंप में कर्नाटक के मैसूर से लाए गए पांच कुमकी हाथी फुटबाल खेल रहे हैं।

दूसरी ओर जंगली हाथियों की हिंसा से क्षेत्र में अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है, दो लोग घायल हो चुके है।

हिंसक घटनाओं और फसल की बर्बादी से किसान परेशान हैं।

बता दें कि 25 जनवरी को कर्नाटक के मैसूर से तीन नर और दो मादा कुमकी हाथी लाए गए। इन्हें पासिद के पास कैंप बनाकर रखा गया है।

यहां इन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के तहत फुटबाल आदि खेल सिखाया जा रहा हैं।

जनवरी से लेकर अब तक कुमकी हाथियों से जंगली हाथियों को खदेड़ने का काम नहीं लिया जा सका है।

हाथियों को कर्नाटक से लाने, इनके रखरखाव, भोजन और प्रशिक्षण पर अब तक 80 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं ।

कर्नाटक से पांच हाथियों को लाने में 24 लाख 19 हजार 472 रुपये खर्च हुए थे।

भागकर बचाई जान

गत 14 सितंबर की शाम करीब 4 बजे ग्राम कांपा निवासी मूलचंद यादव अपनी पत्नी को तीजा के बाद लाने के लिए पिरदा होकर ग्राम बिरबिरा जा रहा था।

इस बीच हाथियों ने पिरदा के डिहीखार (लाइन खार) के पास रास्ता रोक लिया।

अचानक हाथियों को सामने देख मूलचंद ने मोटर साइकिल से नियंत्रण खो दिया, गिर गया और मोटर साइकिल को छोड़कर लाइन खार की ओर भागने लगा।

लाइन खार में खेतों की रखवाली कर रहे किसानों ने मूलचंद को पिरदा पहुंचाया।

अचानकपुर के पास है हाथियों का डेरा

सिरपुर क्षेत्र के ग्राम अचानकपुर, बंदोरा, छपोराडीह, लहंगर, गुड़रुडीह, पिरदा में हाथियों ने 12-13 सितंबर को जमकर उत्पात मचाया।

करीब एक महीने तक शांत रहने के बाद हाथियों के पुनः धमकने की खबर के बाद ग्रामीण भयभीत और चिंतित हो उठे हैं।

फसल को हाथियों से बचाने पूजा-अर्चना करने के साथ ही मशाल लेकर खेतों में बारी-बारी से जगवारी कर रहे हैं।

हाथियों ने खेतों में लगी धान फसल को रौंद-खाकर नष्ट करने के साथ ही बंदोरा में मीडिल स्कूल के अहाता को क्षतिग्रस्त कर दिया।

हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने 14 सितंबर की शाम 7 बजे दो हाथियों के ग्राम पिरदा के जंगल में होने की सूचना दी है।

विगत तीन दिनों से दो दल में हाथी विचरण कर रहे हैं। धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अनजान बने बैठे हैं।

एक माह बाद पुनः हाथी सिरपुर क्षेत्र में धमक गए हैं। ग्राम बंदोरा में संजय धु्रव, दयाराम पटेल के खेत में नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों ने मिडिल स्कूल के अहाता को तोड़कर नुकसान पहुंचाया।

उपरांत अचानकपुर पहुंचकर बुधराम कमार के घर को तोड़ दिया। देवप्रसाद साहू के मोटर पम्प के डिलीवरी पाइप को रौंदकर नष्ट कर दिया।

ग्राम छपोराडीह में गणेश पटेल, बेदराम साहू के खेतों में लगी धान फसल को नुकसान पहुंचाया।

पिरदा के दीपक साहू, प्रेमलाल, दिलीप, माखन, काशीराम के खेत में उत्पात मचाया है।

रुका पड़ा है आपरेशन गजराज

वन अमला अब तक कुमकी हाथियों से जंगली हाथियों को खदेड़ने का काम नहीं ले पाया है।

बारिश से पूर्व हिंसक हाथियों को ट्रेंक्योलाइज कर रेडियो कॉलर बांधने का अभियान छेड़ा गया था, इसमें भी अमले को सफलता नहीं मिली।

बारिश में वन क्षेत्र सघन होने से इस कार्य में बाधा आई और आपरेशन गजराज का काम रोका गया।

बताया जा रहा हे कि कुमकी हाथियों को जंगल के भीतर ले जाया गया था. इन्हें जंगली हाथियों को ट्रेंक्योलाइज करने अमले को लगाया गया, बावजूद सफलता नहीं मिली।

एक भी जंगली हाथी को रेडियोकॉलर नहीं पहनाया जा सका। महासमुंद के उपवनमंडलाधिकारी अरविंद पी एम की माने तो ट्रेनिंग महावतों को दी जा रही है।

यह ट्रेनिंग कुमकी हाथियों के साथ ही दी जाती है। मई महीने के अंत में कुमकी हाथियों को जंगल के भीतर ले जाया गया था, ट्रैंक्योलाइज करने अमले भी लगाए गए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली।

विभाग वर्षा ऋतु के समापन का इंतजार कर रहा है , जंगल के भीतर कीचड़ है, जिससे गतिविधियां शुरू करने में दिक्कत है।

वर्षाकाल समापन के बाद जंगली हाथियों को खदेड़ने, रेडियो कॉलर लगाने का कार्य तेज होगा।

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