अंतर्राष्ट्रीय

कुवैत: 15 भारतीयों की फांसी उम्रकैद में तब्दील

शरजाह व कुवैत की जेलों में बंद भारतीयों की सजा में की गई है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को बताया कि कुवैत के अमीर ने कुवैती जेल में बंद 15 भारतीयों की मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया है। विदेश मंत्री के अनुसार, कुवैत के अमीर ने 149 भारतीय नागरिकों की सजा को भी कम करने का निर्देश दिया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘कुवैत के अमीर को 15 भारतीय नागरिकों की मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर प्रसन्नता हुई है।’

उन्होंने कुवैत के अमीर को धन्यवाद देते हुए एलान किया कि जेल से रिहा होने वाले भारतीय नागरिकों को देश लाकर उन्हें सरकार मदद देगी। शरजाह की जेल में बंद कुल 149 कैदियों की सजा कम की गई है। उन कैदियों की ओर से विदेश मंत्रालय ने शरजाह के अमीर शेख सुल्तान बिन मोहम्मद अल कसामी और सुप्रीम काउंसिल का शुक्रिया अदा किया है। शेख सुल्तान ने वित्तीय और गैर आपराधिक मामलों के लिए सजा काट रहे भारतीयों की सजा माफ करने की बात कही है। ये सभी 149 कैदी वे हैं, जो तीन साल से अधिक समय से जेल में हैं। शेख ने उन कैदियों के 20 मिलियन दिरहम के कर्ज को भी माफ कर दिया है।

विदेश मंत्रालय के साथ ही जेलों में बंद भारतीयों के परिजनों ने भी शेख का शुक्रिया अदा किया है। एक व्यक्ति के परिजनों के हवाले से विदेश मंत्रालय ने बताया कि अपना कर्ज न चुका पाने के आरोप में पिछले 15 वर्ष से जेल में कैद 68 वर्षीय मुहम्मद मुस्तफा शौकत और उन जैसे कई लोगों को रिहाई की उम्मीद बंधी है।

मुस्तफा हुसैन को जब सजा माफ किए जाने की खबर मिली तो वे प्रार्थना के लिए बैठ गए। उन्होंने ईश्वर का शुक्रिया अदा करते हुए शेख का शुक्रिया अदा किया। कहा कि मैंने जो किया मैं उसके लिए शर्मिंदा हूं, इसके लिए मैंने कई वर्ष जेल में बिताए भी हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने मध्य पूर्व देशों की जेलों में कैद भारतीयों के मसले को गंभीरता से उठाने के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा था।

उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को लिखे पत्र में कहा था कि शरजाह के अमीर डॉ. शेख सुल्तान बिन मोहम्मद अल कसामी 24 से 26 सितंबर तक केरल में थे। वहां मैंने उनसे जेलों में बंद भारतीयों के मुद्दे पर मानवीय आधार पर विचार करने के लिए कहा था। अब विदेश मंत्रालय इस मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़ाए।

इस पत्र के बाद विदेश मंत्रालय ने राजनयिक चैनलों के जरिए बातचीत शुरू की।

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शरजाह व कुवैत
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