मजदूर की पलती किस्मत, अब तक के इतिहास में सबसे महंगा बिका हीरा

यह हीरा झांसी निवासी सोने-चांदी के कारोबारी राहुल अग्रवाल ने बोली लगाकर खरीदा।

पन्ना।
पन्ना के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। पन्ना के इतिहास में अब तक का सबसे महंगा हीरा बिका और एक मजदूर की किस्मत पलटी और जाते-जाते यह साल उसे करोड़पति बना गया।

पन्ना की उथली खदान में मिला उसका 42.59 कैरेट हीरा 2.55 करोड़ में बिका। यह हीरा झांसी निवासी सोने-चांदी के कारोबारी राहुल अग्रवाल ने बोली लगाकर खरीदा।

पन्ना में खदानों से मिले हीरों की नीलामी दो दिन से चल रही है। इसमें देशभर के हीरा व्यापारी आए हुए हैं। अब तक चार करोड़ रुपए के हीरे बिके हैं।

9 अक्टूबर को मिला था, 200 रुपए में लीज पर ली थी खदान

पन्ना हीरा कार्यालय के इतिहास में यह पहला हीरा है, जिसकी कीमत इतनी अधिक मिली। यहां तक कि मध्यप्रदेश के इतिहास में भी अभी तक की सबसे महंगे हीरे की बोली लगी है।

पन्ना की रत्नगर्भा वंसुधरा की उथली खदानों में बीते दो माह पहले 9 अक्टूबर 2018 को कृष्णा कल्याणपुर ग्राम के पटी नामक स्थान पर संचालित खदान से यह हीरा मिला था।

खदान मजदूरी करने वाले मोतीलाल प्रजापति निवासी बेनीसागर मोहल्ला पन्ना ने 200 रुपए की लीज पर 6 महीने के लिए ली थी। उसे सिर्फ 3 महीने में ही हीरा मिल गया था।

दूसरा जैम क्वालिटी का हीरा भी 54 लाख रुपए में नीलाम

नीलामी में शुक्रवार को दूसरा बड़ा हीरा जो 12.58 कैरेट का था यह 14 सितंबर को कृष्णा कल्याणपुर की ही खदान में कृषक प्रकाश शर्मा को उथली हीरा खदान में मिला था।

इस हीरे को आज एक व्यापारी द्वारा 54 लाख 34 हजार 560 रुपए में नीलामी में खरीदा गया।

बीते दो दिनों में बिके लगभग चार करोड़ के हीरे

28 दिसंबर से चल रही हीरों की नीलामी में बीते दो दिनों में लगभग 4 करोड़ रुपए के हीरे बिके। पहले दिन की नीलामी में 13 लाख से भी अधिक के हीरे बिके तो दूसरे दिन साढ़े तीन करोड़ से अधिक के हीरे बिकने की जानकारी मिली है।

दलाल हटे तो हीरो की मिलने लगी अच्छी कीमत

हीरे की नई नीति आ जाने के बाद लोगों में जागरूकता आई और हीरा कार्यालय में हीरा जमा होना शुरू हो गये। आज अच्छी कीमत में नीलाम हुए दो बड़े हीरों से लोगों के माइंड सेट में भी बदलाव आएगा।

इसके पहले हीरे दलालों के माध्यम से बिक जाते थे जिस कारण हीरे की ओरिजनल कीमत खदान संचालकों को नहीं मिल पाती थी।

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