काशी व‍िश्‍वनाथ मंद‍िर में प्रसाद बता कर बेच रहे डेयरी से बनकर आए लड्डू

बनारस के काशी विश्वनाश मंदिर में रोजाना बड़ी संख्यी में लोग दर्शन करने आते हैं। स्थनीय लोगों के अलावा विदेश पर्यटक भी बाबा के दर्शन के लिए दरबार में हाजिरी लगाते हैं। देश के जाने-माने मंदिरों में शुमार काशी विश्वनाथ मंदिर में बिना बाबा को भोग लगाए प्रसाद बेचे जाने की खबर आ रही है।

हैरानी वाली बात यह है कि इस बात से अंजान श्रद्धालु प्रसाद के रूप में मिठाई ले रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर के वरिष्ठ सदस्य प्रसाद दीक्षित ने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। दरअसल, पिछले दिनों न्यास परिषद ने प्रस्ताव पारित कर गाय के दूध से प्रसाद बनाने की जिम्मेदारी पराग डेरी को सौंपी थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि प्रसाद का भोग पहले बाबा को लगेगा उसके बाद ही इसे ब्रिकी के लिए भेजा जाएगा।

प्रसाद नहीं सिर्फ मिठाई है

मंदिर प्रशासन की ओर से निर्देश जारी होने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं, भक्तों का कहना है कि अगर बाबा को प्रसाद का भोग नहीं लगा तो प्रसाद कैसा। वो प्रसाद नहीं सिर्फ मिठाई है। इसे लेकर श्रद्धालुओं में भी रोष है।

हालांकि न्यास परिषद ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मंदिर न्यास के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी का निर्देश है कि प्रसाद का भोग पहले बाबा को लगाया जायेगा फिर बिक्री की जाएगी। इस मामले को न्यास परिषद की अगामी बैठक में भी उठाया जा सकता है।

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