“लईकामन ला मिलही बाल पत्रिका” SECL ने CSR मद से बिलासपुर ज़िले के शालाओं में परियोजना की दी स्वीकृति

ज़िला प्रशासन के अधीन राजीव गांधी शिक्षा मिशन (एसएसए) के मिशन डायरेक्टर द्वारा प्रदत्त जानकारी अनुसार ये विद्यालय बिल्हा एवं मस्तुरी ब्लॉक खंडों(प्रत्येक में 50 ) में स्थित हैं । गत शैक्षणिक वर्ष के आँकड़ों के अनुसार, सकल रूप से लगभग 11 हज़ार नौनिहालों को पढ़ने के लिए बाल पत्रिका मिल सकेगी।

बिलासपुर ज़िले के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में बच्चों के ज्ञान में वृद्धि तथा सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए बाल पत्रिका उपलब्ध कराई जाएगी। योजना से ज़िले के सौ सरकारी विद्यालय लाभान्वित होंगे।

ज़िला प्रशासन के अधीन राजीव गांधी शिक्षा मिशन (एसएसए) के मिशन डायरेक्टर द्वारा प्रदत्त जानकारी अनुसार ये विद्यालय बिल्हा एवं मस्तुरी ब्लॉक खंडों(प्रत्येक में 50 ) में स्थित हैं । गत शैक्षणिक वर्ष के आँकड़ों के अनुसार, सकल रूप से लगभग 11 हज़ार नौनिहालों को पढ़ने के लिए बाल पत्रिका मिल सकेगी।

विद्यालयों के लाभान्वित बच्चों में लगभग 90 प्रतिशत एससी/एसटी समुदाय से हैं । इन विद्यालयों में रायपुर से एक एनजीओ संगठन द्वारा प्रकाशित बाल पत्रिका “किलोल” की आजीवन सदस्यता दी जाएगी तथा इससे कम से कम आगामी 15 वर्षों तक स्कूल को प्रदाय किया जाएगा। एसईसीएल ने इस परियोजना हेतु सीएसआर मद से 10 लाख रुपए की स्वीकृति दी है जिसमें 20 प्रतिशत की पहली किस्त वर्क अवार्ड जारी होने के साथ हीं दे दी जाएगी। परियोजना के माइलस्टोन के अनुसार इसे दो माह के भीतर सम्पादित कर लिया जाना है।

विदित हो कि पत्र-पत्रिकाओं का पाठन वैज्ञानिक दृष्टि से बुद्धिमता के विकास में सहायक माना जाता तथा इससे बच्चों को एक्सपोज़र प्राप्त होता है।

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