विदेश टूर के बहाने हाईकोर्ट के वकील से लाखों ठगी

अजय शर्मा :

बिलासपुर : शहर में कंट्री क्लब हॉस्पिटलिटी के नाम पर देश के साथ ही विदेश की सैर कराने वाले गिरोह ने हाईकोर्ट के वकील से एक लाख 66 हजार रुपये की ठगी कर ली।

यह गिरोह इस तरह से कई लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा दिया है। मामले की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है।

सिरगिट्टी पुलिस के अनुसार तिफरा स्थित नया बसस्टैंड के पीछे अभिलाषा परिसर निवासी हरप्रीत सिंह अहलुवालिया पिता गुरमीत सिंह अहलुवालिया (42) हाईकोर्ट वकील हैं।

जनवरी 2017 में वे अपने मित्र के कार्यालय में बैठे थे। उसी समय रवि ओझा नाम का व्यक्ति आया। उसने अपने आप को कंट्री क्लब का सेल्स मैनेजर बताया।

उसने बताया कि उनका लोकल ऑफिस बिलासपुर व रायपुर में है। ऑफिस का वह खुद संचालन करता है। उसने यह भी बताया कि कंट्री क्लब हास्पिटलिटी एंड हालिडे लिमिटेड कंपनी है

और पूरे हिंदुस्तान के साथ ही विभिन्न देशों में प्रत्येक वर्ष टूर कराता है। पैकेज के तहत रुकने, खाने-पीने की व्यवस्था रहती है। एक लाख 66 हजार रुपये के पैकेज में प्रतिवर्ष सात दिन का फैमिली टूर तय है।

साथ ही 30 साल तक गोल्ड जिम या तलवरकर जिम की वार्षिक सदस्यता व एक लाख रुपए का मेडिकल क्लेम भी दिया जाता है।

कथित सेल्स मैनेजर की बात सुनकर अहलुवालिया ने बाद में संपर्क करने की बात कही। इस बीच 19 फरवरी 2017 को रवि ओझा ने कंपनी के किसी संदीप कपूर से बात कराई।

वकील अहलुवालिया उनके झांसे में आ गए। उसने खुद को प्रोसेसिंग इंचार्ज बताया। संदीप ने उन्हें सुनहरा अवसर का हवाला देते हुए रकम जमा करने के लिए कहा।

वे उनके झांसे में आ गए। फिर 20 फरवरी को कंट्री क्लब के खाते में निर्धारित रकम जमा कर दी, जिसकी पावती भी उनके पास है।

कंपनी का चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर वाई राजीव रेड्डी हैं। रकम जमा करने के बाद उन्होंने लोकल ऑफिस की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि बिलासपुर में कोई ऑफिस ही नहीं है।

तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ और मामले की शिकायत सिरगिट्टी थाने में की। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

उन्होंने पुलिस को यह भी बताया है कि उनकी तरह कंपनी के कथित अफसरों ने कई लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया है।

कंपनी से नहीं मिला कोई जवाब

बिलासपुर के साथ ही रायपुर में कंपनी का ऑफिस नहीं होने की जानकारी मिलने पर वकील अहलुवालिया ने ई-मेल एड्रेस पर मेल किया।

उन्होंने पूछा कि रवि ओझा कंपनी में सेल्स मैनेजर है या नहीं, लेकिन अब तक कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।

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