रेलवे टेंडर स्कैम: लालू से CBI की पूछताछ शुरू, बेटी मीसा भी साथ

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से रेलवे टेंडर मामले में शुक्रवार को सीबीआई ऑफिस में पूछताछ शुरू हो गई है. लालू के साथ उनकी बेटी मीसा भारती भी हैं.

राबड़ी ने बुलाई पार्टी बैठक

लालू की पेशी से एक दिन पहले पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड पर पार्टी विधान मंडल की बैठक बुलाई थी.

जिसमें पार्टी के कई विधायकों, विधान पार्षदों समेत जिला अध्यक्षों को बुलाया गया था.

सूत्रों के मुताबिक, विधान मंडल की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि पार्टी किस तरीके से संकट के दौर से गुजर रही है और ऐसे में भविष्य को लेकर पार्टी की रणनीति क्या हो?

जानकार सूत्रों के मुताबिक बैठक में इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि अगर रेलवे टेंडर घोटाले में सीबीआई की पूछताछ के बाद लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव को गिरफ्तार कर लिया जाता है तो पार्टी इसका कैसा मुकाबला करेगी?

क्या है पूरा मामला?

दरअसल रांची और पुरी के चाणक्य बीएनआर होटल जोकि रेलवे के हेरिटेज होटल थे. लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए इन होटलों को अपने करीबियों को लीज पर बेच डाला था.

ये दोनों होटल अंग्रेजों के जमाने के थे इसीलिए इसका ऐतिहासिक महत्व था पर अब नहीं रहा क्योंकि इन होटल्स को पूरा रेनोवेटेड कर दिया गया है.

प्रसाद एवं उनके परिवार के खिलाफ एक हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति का मामला रांची और पुरी से जुड़ा हुआ है.

लालू प्रसाद जब रेल मंत्री थे तब रेल मंत्रालय ने रांची एवं पुरी के ऐतिहासिक होटल बीएनआर को लीज पर देने का निर्णय लिया.

इस लीज के लिए रांची के कुछ होटल व्यवसाइयों के अलावा लालू प्रसाद के निकट के सहयोगी एवं झारखंड से राज्यसभा के सांसद प्रेमचंद गुप्ता की कंपनी दोनों होटलों को लेने में सफल रहे और रांची के बीएनआर होटल को पटना के प्रसिद्ध होटल चाणक्य के संचालक हर्ष कोचर को 60 साल के लिए लीज पर मिल गया.

पहले तो लीज की अवधि 30 वर्ष रखी गयी, परन्तु बाद में इसकी अवधि बढ़ाकर साठ साल कर दी गई. आरोप है कि इन दोनों होटलों को लीज पर देने की जितनी कीमत राज्य सरकार को मिलनी चाहिए वह नहीं मिली.

वैसे इस मामले में लालू प्रसाद का कहना है कि रेलवे ने नियम के तहत इन होटलों को लीज पर दिया था और इससे उनका कोई लेना देना नहीं है.

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