छत्तीसगढ़

मुंगेली रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण में

मनीष शर्मा:

मुंगेली: कटघोरा-मुंगेली-डोंगरगढ़ नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण में लेटलतीफी का मुद्दा फिर से लोकसभा में गूँजा। सांसद अरुण साव द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का काम अब अंतिम चरण में है।

लोकसभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 3766 के माध्यम से सांसद साव द्वारा कटघोरा-मुंगेली-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन के निर्माण में हो रही देरी के सवाल पर रेल मंत्री श्री गोयल बताया कि 5950.47 करोड़ रुपए लागत की 294.53 कि.मी. लंबी इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम अंतिम चरण में है।

रेलवे अधिनियम के अनुसार अधिसूचनाएं जारी किए जाने के बाद आपत्तियों की सुनवाई भी की जा चुकी है। प्रारंभिक और विस्तृत डिजाइन का कार्य प्रगति पर है। गलियारे के लिए भू-तकनीकी की जांच चल रही है। साथ ही प्रगति के साथ ऋण समूहन किया जा रहा है।

मामूल हो कि रेल नेटवर्क से अछूते मुंगेली व कबीरधाम जिले की बहुप्रतीक्षित माँग को पूर्ण करने तात्कालिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में सीकेडीआरएल नामक विशेष प्रयोजन योजना बनाई गई थी। रेलवे व राज्य सरकार का यह संयुक्त काॅर्पोरेशन कटघोरा से मुंगेली के रस्ते डोंगरगढ़ तक नई रेलवे लाइन बिछाने की इस योजना पर काम कर रहा है।

बता दें बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण साव ने 20 नवंबर को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कटघोरा-मुंगेली-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से ठप्प पड़ी इस परियोजना को गति देकर शीघ्र पूर्ण किया जाए।

संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन शून्यकाल के दौरान सांसद साव ने कहा कि बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र में शामिल मुंगेली जिला मुख्यतः कृषि पर निर्भर क्षेत्र है। यह क्षेत्र बीही के लिए भी प्रसिद्ध है।

ब्रिटिश काल में इस नवोदित जिले को रेलवे लाइन से जोड़ने की कवायद शुरू हुई थी, लेकिन यह कार्य पूर्ण नहीं हो सका। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से कटघोरा-मुंगेली-डोंगरगढ़ के बीच 295 कि.मी. की नई रूट का सर्वे करा इस परियोजना को मूर्त रूप देने रेल मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के बीच एमओयू करा छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीआरसीएल) का गठन किया गया।

छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में यह परियोजना को तेज गति से आगे बढ़ रहा था। 295 किमी लंबे ट्रैक के लिए 1794 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। इसका कार्य परियोजना के लिए राज्य शासन और रेलवे के अलावा 3 अन्य प्राइवेट पार्टनर के बीच समझौता भी हो गया है।

जमीन अधिग्रहण के लिए ग्रामीणों को सीआरसीएल द्वारा नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए पिछले 10 साल में 8 से 10 बार सर्वे हो चुका है, लेकिन यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी।

5950 करोड़ की परियोजना

कटघोरा-मुंगेली-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना की लागत 5,950 करोड़ रुपए है। सीआरसीएल 48, महाराष्ट्र स्टेट पाॅवर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महाजेको) और एसीबीआईएल 26-26 फीसदी लागत शेयर करेंगे। काम की देखरेख रेलवे करेगा। ट्रैक के रास्ते में 200 से अधिक गांव पड़ेंगे और पटरी के किनारे आने से यहां के करीब 35 लाख लोगों को फायदा होगा।

ये स्टेशन होंगे रूट पर

डोंगरगढ़ के बाद बेलगांव, घोघेडबरी, प्रकाशपुर, खैरागढ़, छुइखदान, मुरइ, गंडइ, जंगलपुर, धनगांव, धनेली, कवर्धा, बोरदुली, सोमनापुर, कंवलपुर, मुंगेली, कोसमा, तखतपुर, खम्हरिया, गनियारी, लामेर, रतनपुर, नेवसा, बेलतरा, करतला, जमानीमुड़ा और कटघोरा में रेलवे स्टेशन बनना फाइनल हो गया है। इन शहरों-कस्बों में पहली रेलवे लाइन पहुँचेगी।

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