समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी

अंतिम दिनों में धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था करने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी

रायपुर।

राज्य सरकार ने प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए निर्धारित अंतिम तारीखों में सुव्यवस्थित कार्रवाई सुनिश्चित करने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से इस संबंध में प्रदेश के सभी कमिश्नरों और कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर दिया गया है।

परिपत्र में कहा गया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में प्राथमिक कृषि साख समितियों के धान संग्रहण केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 31 जनवरी 2019 अंतिम तिथि तय की गई है।

परिपत्र में कहा गया है कि विगत वर्षो के अनुभव के अनुसार अंतिम दिवस में कुछ खरीदी केन्द्रों पर धान की तौलाई उसी दिन नहीं हो पाने के कारण खरीदी एंट्री के लिए सॉफ्टवेयर खोलने की मांग की जाती है। राज्य शासन ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में सॉफ्टवेयर खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

परिपत्र में कहा गया है कि धान खरीदी केन्द्रों में किसानों से धान खरीदी का कार्य शासकीय अवकाश दिवसों के साथ-साथ शनिवार एवं रविवार को छोड़कर शेष कार्य दिवसों में किया जाए। धान उपार्जन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2019 की सूचना किसानों को समितियों में बैनर लगाकर या सूचना पटल के माध्यम से दी जाए। मार्कफेड और समितियों में आवश्यकता अनुसार बारदानों की व्यवस्था की जाए।

धान बेेचने के इच्छुक सभी पंजीकृत किसानों को टोकन जारी किया जाए। खरीदी केन्द्रों में किसानों द्वारा लाए गए धान की उसी दिन तौलाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जरूरी संख्या में कांटा-बाट और हमालों की व्यवस्था होनी चाहिए।

तौले गए धान की उसी दिन कम्प्यूटर में एंट्री कर ली जाए। धान की तौलाई एवं एंट्री के संबंध में किसी प्रकार का बैकलॉग नहीं रखा जाए। मार्कफेड द्वारा खरीदी केन्द्रों में उर्पाजित धान का परिवहन सुनिश्चित किया जाए, ताकि खरीदी केन्द्रों में किसानों से धान खरीदी के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे।

परिपत्र में कहा गया है कि खरीदी के लिए निर्धारित अंतिम दिनों में किसानों के धान बेचने के लिए शेष रकबे में कोचियों और अन्य राज्यों से धान लाने का प्रयास किया जा सकता है। धान की रिसायकिलिंग भी हो सकती है। इस तरह की प्रवृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

धान उर्पाजन अवधि के अंतिम दिन 31 जनवरी 2019 को किसानों द्वारा लाए गए धान की तौलाई कर उसकी एंट्री कम्प्यूटर मे अनिवार्य रूप से कर ली जाए, क्योंकि रात 12 बजे सॉफ्टवेयर लॉक हो जाएगा। नोडल अधिकारियों द्वारा धान खरीदी के अंतिम दिन खरीदी केन्द्रों में जाकर धान की तौलाई एवं एंट्री का कार्य सुनिश्चित कराया जाए। खरीदी केेन्द्रों में धान बेचने वाले किसानों की संख्या एवं खरीदे गए धान की मात्रा की जानकारी नोडल अधिकारियों द्वारा उसी दिन संबंधित कलेक्टरों को देना जरूरी है।

कलेक्टरों द्वारा 02 फरवरी 2019 को प्रातः 11 बजे निर्धारित परिपत्र में जिले में धान बेचने वाले किसानों की संख्या एवं खरीदे गए धान की मात्रा की जानकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को ई-मेल जेएसडाटफूडडेससीजीएटदरेटजीओव्हीडाटइन ([email protected]) पर अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी।

धान खरीदी केन्द्रों में अंतिम दिनों में आने वाले धान का खरीदी केन्द्रों से राईस मिलरों तक परिवहन कर्ता के माध्यम से अधिकतम फरवरी माह तक अनिवार्य रूप से उठाव किया जाना सुनिश्चित करें। खरीदी केन्द्रों के मिलान का कार्य 31 मार्च 2019 तक अनिवार्य रूप से कर लिया जाए।

1
Back to top button