छत्तीसगढ़

पिछली बार कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की थी, इस बार दे दिया टॉपर

राजमिस्त्री के बेटे नोहर को छात्रावास में रखकर पढ़ाया, नतीजा प्रदेश में पाँचवा रैंक

राजनांदगांव। हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में बेहतर नतीजे के लिए कलेक्टर भीम सिंह द्वारा ली जाने वाली मैराथन बैठकों का असर इस बार नतीजों में नजर आया है। पिछली बार खैरागढ़ का डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी हायर सेकेंडरी स्कूल, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के नतीजों के पायदान में जिले के सबसे पिछड़े स्कूलों में से एक था। समीक्षा के दौरान इस स्कूल के नतीजे को लेकर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जाहिर की थी। नाराजगी स्वाभाविक भी थी क्योंकि इस स्कूल की ऐतिहासिक परंपरा रही है। 1885 में जब यह स्कूल विक्टोरिया स्कूल के नाम से स्थापित हुआ तो इसके पहले प्राचार्य स्व. पंडित रविशंकर शुक्ल थे जो अविभाजित मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। बाद में प्रख्यात साहित्यकार और सरस्वती संपादक डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ने भी यहाँ अध्यापन किया।

समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने इस स्कूल की ऐतिहासिक गौरवशाली परंपरा के अनुरूप बेहतर रिजल्ट के लिए जुट जाने प्राचार्य एवं शिक्षकों को कहा। समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि प्राचार्य सबसे पहले यह देखें कि किन विषयों में बच्चों का प्रदर्शन बुरा है। इसके अनुरूप कार्ययोजना बनाएँ। टीचर किस तरह सिलेबस के अनुरूप पढ़ाई करा रहे हैं, बच्चे सिलेबस को कितना ग्राह्य कर पा रहे हैं। इन सब बातों की समीक्षा विस्तृत रूप से की गई। इसके साथ ही सबसे कमजोर और सबसे प्रतिभाशाली बच्चों को छांटा गया ताकि इनके ऊपर विशेष ध्यान दिया जाए।

कमजोर बच्चे उत्तीर्ण हो सकें और प्रतिभाशाली बच्चे मेरिट में आ सकें। आज अपने स्कूल के टॉपर और पूरे प्रदेश में पाँचवें स्थान पर चयनित नोहर के साथ कलेक्टर श्री भीम सिंह से मिलने पहुँची स्कूल की प्राचार्य नीरजा तिवारी ने बताया कि स्कूल का बेहतर प्रदर्शन हो इसके लिए समीक्षा बैठक में बताई गई सभी बातों पर क्रियान्वयन किया गया। इसके अलावा पाँच प्रतिभाशाली छात्रों का चयन कर इन्हें हॉस्टल सुविधा दिलाई गई। इनके भोजन की व्यवस्था कराई गई। नोहर ने बताया कि मेरी सफलता के पीछे प्राचार्य तथा शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। परीक्षा के समय हम लगातार पढ़ाई कर सकें, इसके लिए हमारा नाश्ता शिक्षकों के घर से ही आता था।

उल्लेखनीय है कि नोहर ने एनसीसी और योग का कोर्स भी किया है जिसमें उसे नेशनल सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। एनसीसी और योग का कोर्स करने पर उसे अतिरिक्त नंबर भी हासिल हुए। नीरजा तिवारी ने बताया कि नोहर बहुत अच्छा चित्रकार भी है। उसकी इच्छा अच्छा मैथेमेटिशियन बनने की है साथ ही वो ललित कला में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में कोर्स भी करना चाहता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ चंदन कुमार ने नोहर को गणित के क्षेत्र में बेहतर करियर के लिए इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि मैथ्स के क्षेत्र में करियर बनाने इच्छुक छात्रों के लिए यह संस्था भविष्य की उज्ज्वल राह खोलता है। कलेक्टर भीम सिंह, एसपी प्रशांत अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ चंदन कुमार ने नोहर को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी भरतद्वाज भी उपस्थित थे।

निर्माणी श्रमिक योजना में मिलेगी एक लाख रुपए की स्कालरशिप-
नोहर के पिता खैरागढ़ ब्लाक के पेण्ड्रीकला गाँव से हैं और निर्माणी श्रमिक हैं। उनका छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल में पंजीयन है। मेरिट में जगह बनाने पर उन्हें एक लाख रुपए मंडल की ओर से दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें मेधावी छात्र योजना के अंतर्गत दस हजार रुपए भी मंडल की ओर से दिए जाएंगे।

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