राष्ट्रीय

छेड़खानी के विरोध में आंदोलन कर रहीं छात्राओं पर लाठीचार्ज, BHU के बाहर सुरक्षा कड़ी

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छेड़खानी के खिलाफ छात्राओं के धरना-प्रदर्शन के दौरान रात जमकर हिंसक घटनाएं हुईं, जिसमें कई आंदोलनकारी एवं पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बीएचयू परिसर में हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। एहतियातन बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। विश्वविद्यालय परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।

उन्होंने बताया कि बीएचयू के मुख्य द्वार पर छेड़खानी के विरोध में पिछले 2 दिनों से धरने पर बैठीं छात्राएं रात अचानक उग्र हो गईं। उग्र भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिससे हालात बेकाबू होने लगे। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया और बीएचयू परिसर में कई जगह तोड़फोड़ की गई। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस घटना में कई छात्र-छात्राएं एवं पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि शरारती तत्वों की तलाश की जा रही है।

विश्वविद्यालय के सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि शरारती तत्वों ने राजनीतिक कारणों से हिंसा को अंजाम दिया है। विश्वविद्यायल प्रशासन के अलावा पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शाम छात्राओं से कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी की बातचीत विफल होने से आंदोलनकारी नाराज हो गए। छात्राएं प्रो. त्रिपाठी से धरना स्थल पर बातचीत करना चाहती थीं, जिसे सुरक्षा कारणों से विश्वविद्यालय प्रशासन शुरू में अस्वीकार कर दिया था। लेकिन भारी दबाव के बाद कुलपति अपने आवास के पास स्थित त्रिवेणी संकुल छात्रावास के पास छात्राओं से मिलने जा रहे थे।

इसी दौरान छात्र-छात्राओं की भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने उनके खिलाफ नारेबाजी और धक्कामुक्की कर दी, जिससे नाराज कुलपति अपने आवास पर लौट गए। सूचना मिलते ही धरने पर बैठीं छात्राओं के साथ छात्र भी कुलपति आवास का घेराव करने जा रहे थे, जिन्हें बीएचयू के सुरक्षाकर्मी एवं पुलिसकर्मियों ने रास्ते में ही रोकने की कोशिशें की, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस एवं आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गईं।

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