छत्तीसगढ़

व्हील चेयर से बास्केटबॉल उछालकर अतिथियों ने किया कार्यशाला का शुभारंभ

राजनांदगांव । हैदराबाद में होने वाले चौथे राष्ट्रीय व्हीलचेयर बास्केटबाल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की दावेदारी पुख्ता करने राजनांदगांव के खिलाडिय़ों ने भी तैयारी आरंभ कर दी है। इनके प्रशिक्षण के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन दिग्विजय स्टेडियम स्थित साई परिसर में किया जा रहा है। कार्यशाला में चयनित जिले के तथा प्रदेश के दिव्यांगजन छत्तीसगढ़ की टीम से नेशनल खेलेंगे। इस चयन से और हैदराबाद में बेहतर प्रदर्शन करने से उन्हें भविष्य में भारतीय टीम की ओर से पैरालंपिक में भी खेलने का मौका मिल सकता है। कार्यशाला में इनका हौसला बढ़ाने मुख्य अतिथि समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शोभा सोनी एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजनांदगांव कलेक्टर श्री भीम सिंह एवं विशेष अतिथि जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष श्री सुशील कोठारी भी पहुँचे। इस दौरान व्हील चेयर बास्केट बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव श्रीमती कल्याणी राजा रमण भी मौजूद रही।

इस मौके पर अतिथियों ने व्हील चेयर में बैठे-बैठे व्हील चेयर बास्केट बॉल चैंपियनशिप कार्यशाला का शुभारंभ किया। राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शोभा सोनी ने कहा कि ईश्वर ने दिव्यांगों को अद्वितीय एवं अप्रतिम प्रतिभा से संपन्न किया है। श्रीमती सोनी ने कहा कि हमारे दिव्यांग भाई-बहन आज अध्ययन-अध्यापन खेल के अलावा समाज के सभी क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़कर अपने प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। इस अवसर पर अतिथियों ने राजनांदगांव शहर में 15 एवं 16 अक्टूबर तक आयोजित इस दो दिवसीय व्हील चेयर बास्केट बॉल कार्यशाला एवं प्रशिक्षण का शुभारंभ व्हील चेयर में बैठे-बैठे बास्केट बॉल खेलकर किया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगों के कल्याण एवं उनके प्रतिभा को आगे बढ़ाने एवं उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। जिससे की हमारे दिव्यांग भाई-बहन पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ खेल एवं समाज के अन्य क्षेत्रों में भी अपने प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें । उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को किसी भी क्षेत्र में कोई भी पराजित नहीं कर सकता। ईश्वर ने उन्हें विशिष्ट प्रतिभा से संपन्न किया है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री भीम सिंह ने कहा कि राजनांदगांव शहर में व्हील चेयर बास्केट बॉल कार्यशाला एवं प्रशिक्षण का आयोजन होना खेल नगरी राजनांदगांव के लिए भी गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव शहर आज पूरे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे देश के लिए भी खेल हब बन गया है। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं छत्तीसगढ़ सरकार खेलों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कलेक्टर श्री भीम सिंह ने दिग्विजय स्टेडियम के बास्केट बॉल इंडोर हॉल में दिव्यांगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए बस स्टैण्ड, रेल्वे स्टेशन आदि सभी सार्वजनिक एवं महत्वपूर्ण स्थानों में शौचालयों के अलावा उनके अनुरूप अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ये सभी चीजें हमारे सुगम्य भारत अभियान का एक अंग है।

कार्यक्रम को व्हील चेयर बास्केट बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव श्रीमती कल्याणी राजा रमण ने भी संबोधित किया। उन्होंने राजनांदगांव शहर में व्हील चेयर बास्केट बॉल कार्यशाला के आयोजन को शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस अवसर पर उन्होंने बास्केट बॉल व्हील चेयर कार्यशाला के महत्व के संबंध में भी जानकारी दी। जिला क्रिकेट एशोसियेशन के अध्यक्ष श्री सुशील कोठारी ने कहा कि आज दिव्यांगों के लिए कोई भी उपलब्धि अछूती नहीं है। वे समाज के प्रत्येक क्षेत्रों में अपने सफलता का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कुछ समय पूर्व खेल के क्षेत्र में दिव्यांगों के लिए जरूर दुष्कर कहा जाता था। लेकिन आज दिव्यांगजन खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रहे हैं।

कार्यशाला एवं प्रशिक्षण का समापन 16 अक्टूबर को किया जायेगा। दो दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में 40 ट्रेनी प्लेयर हिस्सा ले रहे हैं इसमें से 10 महिला टे्रनी प्लेयर है। उल्लेखनीय है कि व्हील चेयर बास्केट बॉल एक पैरास्पोर्ट है जो पैरालिंपिक में 1960 से खेला जा रहा है और 105 देश यह खेल खेल रहे है। भारत में व्हील चेयर बास्केट बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने पहली बार यह खेल 2014 में आरंभ किया। कार्यक्रम का संचालन साई के प्रशासक के श्री राजेश्वर राव एवं आभार प्रदर्शन उप संचालक समाज कल्याण श्री टी.पी. भावे ने किया। कार्यक्रम में श्री किशोर मेहरा प्रदीप शर्मा एवं खेल प्रेमी, प्रतियोगियों के अलावा साई के छात्र-छात्राएं एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
रियो में भारतीय खिलाडिय़ों ने किया था शानदार किया था प्रदर्शन –

पैरालंपिक खेलों की शुरूआत 1948 में लंदन ओलंपिक से हुई। लंदन ओलंपिक में द्वितीय विश्वयुद्ध के घायल सैनिकों के लिए विशेष स्पर्धा का आयोजन हुआ। इसके बाद 1960 में रोम ओलंपिक से अलग से पैरालंपिक खेलों की शुरूआत हुई। रियो में वर्ष 2016 में पैरालंपिक खेल हुए जिसमें भारतीय खिलाडिय़ों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.