छत्तीसगढ़

नायब तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वकील हुए लामबद्ध, घण्टो थाने का किये घेराव

अरविन्द शर्मा:

कटघोरा: बीते दो दिन पूर्व का यह मामला जहाँ नायब तहसीलदार कोर्ट में सुनवाई के दौरान नायब तहसीलदार रविशंकर राठौर और वकील गोपाल यादव के बीच जमकर कहासुनी हो गई थी।कहासूनी के दौरान अभद्रता की सारी हदें पार हो चुकी थी।जिसमे न्यायालय की मर्यादा भी तार तार हो रही थी।जमीन के एक मामले पर जहाँ सुनवाई चल रही थी वहां एकाएक दोनों पक्षों का उत्तेजित हो जाना देखकर नायब तहसीलदार ने समझाईश दी जिस पर वकील व नायब तहसीलदार का विवाद शुरू हो गया।विवाद इस कदर बढ़ गया कि बगल के चेम्बर में बैठे तहसीलदार रोहित सिह भी अपने चेम्बर से उतरकर शोर शराबा को समझने का प्रयास करने लगे इस दौरान मामला और गम्भीर होने की कगार पर खड़ा हो गया और फिर वो हालात नजर आने लगे जिससे किसी को उम्मीद नही थी।आखिर ऐसे हालात क्यो बने यह तो पूरी तरह स्पष्ट नही है।

मामले की गम्भीरता ने तूल पकड़ा और नायब तहसीदार के द्वारा कटघोरा थाने में वकील के खिलाफ अभद्र व्यवहार व कार्यो में बाधा को लेकर एफआईआर दर्ज करा दी गई।दूसरी तरफ वकील भी इस पूरे घटनाक्रम से नाराज हो गए और एक वकील पर इस तरह बिना जांच किये एफआईआर दर्ज हो जाने पर वकील संघ ने नाराजगी जाहिर करते हुए कटघोरा थाने का घेराव कर दिया।वकीलों की माने तो इसका कहना था कि नायब तहसीदार के द्वारा दी गई शिकायत पर बिना जांच किये कैसे एफआईआर दर्ज हो गया।जब वकील के द्वारा शिकायत पत्र दिया गया है तो उसमें जांच कर एफआईआर दर्ज होगी।इसी बात को लेकर वकीलों में नाराजगी बन गई आखिर नायब तहसीलदार की शिकायत पर डारेक्ट एफआईआर और हमारी शिकायत पर जांच।इस बात को लेकर जिला कोरबा स्तर से सभी ब्लाकों के वकीलों में नाराजगी बन गई और फिर देखते ही देखते कटघोरा थाने का घेराव हो गया।

घण्टो तक वकीलों ने थाने में जमावड़ा बनाया रखा जिसको देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सकते में आया और आसपास छेत्र के प्रभारी भी सदल कटघोरा थाना परिसर में नजर आने लगे।पूरी तरह छावनी बन चुका कटघोरा थाना वकीलों के नारेबाजी से गूंज रहा था।कुछ समय बाद कटघोरा थाना प्रभारी से वकीलों की चर्चा हुई जिसमें प्रभारी अविनाश सिह ने समझाने का प्रयास किया पर वकील अपनी एक ही बात पर अड़े हुए थे बस एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।यहाँ भी चर्चा पूरी तरह विफल रही और वकीलों के नारे फिर थाना परिसर में गूंज उठे।बिगड़ते माहौल को देखते हुए दर्री सीएसपी खोमन लाल सिंहा भी मौके पर पहुँचे और हालातो का जायजा लेते हुए थाना प्रभारियों से चर्चा किये।पर किसी भी तरह से वकील मानने को तैयार नही थे।शाम ढलते ही निर्णय यही आया कि इस विषय पर दो दिन का समय पुलिस प्रशासन ने मांगा है और जल्द ही इस विषय पर चर्चा कर फैसला लिया जाएगा।

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