बंद के बहाने राहुल गाँधी को बनाया गठबंधन का नेता

सोनिया गांधी अध्यक्ष पद से रिटायर होने के बाद राजनीति में सक्रिय नहीं हैं

नई दिल्ली : भारत बंद में शिरकत करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी मानसरोवर यात्रा खत्म कर दिल्ली लौटे और तुरंत राजघाट का रुख किया। उनकी पार्टी के दिग्गज नेता पहले से ही राजघाट पर मौजूद थे और साथ ही विपक्ष के नेता भी जुटे थे।

अचानक सोनिया गांधी रामलीला मैदान के सामने पेट्रोल पंप के पास बने मंच पर पहुंच गईं. उनके पहुंचते ऐसा लगा कि एक बार फिर गठबंधन की कमान वही संभालने वाली हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद ही उन्होंने राहुल से बात कर मंच छोड़ दिया और घर वापस लौट आईं.

सोनिया गांधी के जाते ही मंच की कमान राहुल गांधी ने संभाली. उन्होंने ना सिर्फ मंच से बोलने वाले नेताओं के नाम निर्धारित किए बल्कि उनके बोलने का क्रम भी बनाया. सबसे बाद में सबसे वरिष्ठ नेता शरद पवार को बोलने के लिए बुलाया गया.

उनके बाद खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाषण दिया. मंच पर भाषण के क्रम को देखकर साफ था कि कांग्रेस ने इस मौके को राहुल गांधी के नेतृत्व के रूप में स्थापित कर दिया. यानी सबसे बड़ा नेता सबसे बाद में बोला.

बता दें कि सोनिया गांधी अध्यक्ष पद से रिटायर होने के बाद राजनीति में उस कदर सक्रिय नहीं हैं, ऐसे में वो देर-सबेर राहुल गांधी को ही सबकुछ सौंप देंगी। ये कयास तो पहले से ही लगाए जा रहे थे। सोनिया ने अध्यक्ष पद की कुर्सी पिछले साल दिसंबर में राहुल को सौंप दी थी। लेकिन अब विपक्ष के साथ तालमेल बनाने की जिम्मेदारी भी जिस तरह उन्होंने राहुल के हवाले की है। इससे सोनिया गांधी के रिटायरमेंट के कयास भी लगने लगे हैं।

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