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जानिए कैसे मजबूत करें अपना इम्यूनिटी सिस्टम

स्वस्थ जीवनशैली प्रतिरोधक क्षमता को बढाने का एक बहुत अच्छा तरीका है।

नई दिल्ली: इम्युनिटी को हिंदी में रोग प्रतिरोधक क्षमता या प्रतिरक्षा कहा जाता है। मानव शरीर लगातार विभिन्न प्रकार की बीमारियों के वाहक जीवाणुओं (रोग पैदा करने वाले- बैक्टीरिया, वायरस आदि) से शरीर को लड़ने की क्षमता देती है, ये हमले नाकाम तभी हो सकते हैं जब मानव शरीर का किला यानी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो। इस किले को मजबूत करना कोई ज्यादा मुश्किल नहीं है।

ताजे फल और सब्जियां

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में खाद्य पदार्थ अहम भूमिका निभाते हैं। ताजे फल और सब्जियों में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं और ये विभिन्‍न रोगों से शरीर को बचाते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि आहार, व्यायाम, उम्र, मानसिक तनाव और अन्य कारणों का भी प्रतिरोधक क्षमता पर असर होता है, इसके अलावा सामान्य स्वस्थ जीवनशैली प्रतिरोधक क्षमता को बढाने का एक बहुत अच्छा तरीका है।

प्राकृतिक औषधि

यह प्राकृतिक औषधि है। प्रचुर मात्रा में शुद्ध जल के सेवन से शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पानी या तो सामान्य तापमान पर हो या फिर थोड़ा कुनकुना। फ्रिज के पानी के सेवन से बचें। 2-3 लीटर पानी रोज पीएं.

संतरा, मौसमी आदि रसदार फलों में भरपूर मात्रा में खनिज लवण तथा विटामिन सी होता है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आप चाहें तो पूरे फल खाएँ और चाहें तो इनका रस निकालकर सेवन करें। हां, रस में शकर या नमक न मिलाएं।

सर्दी के मौसम में गिरीदार फलों का सेवन फायदेमंद होता है। इन्हें रात भर भिगोकर रखने व सुबह चाय या दूध के साथ, खाने से आधे घंटे पहले लेने से बहुत लाभ होता है।

अंकुरित अनाज (जैसे मूंग, मोठ, चना आदि) तथा भीगी हुई दालों का भरपूर मात्रा में सेवन करें। अनाज को अंकुरित करने से उनमें उपस्थित पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ जाती है। ये पचाने में आसान, पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं।

गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का जैसे अनाज का सेवन चोकर सहित करें। इससे कब्ज नहीं होगी तथा प्रतिरोध क्षमता चुस्त-दुरुस्त रहेगी।

संतुलित आहार 

आप अपने आहार में इन खाद्य पदार्थों को शामिल करने के अलावा, संतुलित आहार लेना और प्रतिदिन पर्याप्त ऊर्जा लेना अति आवश्यक है जिससे आप अपनी दैनिक पोषक तत्वों की आवश्यकताओं को पूरा कर पाएं । इससे पोषण सम्बन्धित कमियों से बचने में मदद मिलेगी और प्रतिरक्षा तंत्र को उत्तम बनाने में मदद मिलेगी।

आपके संतुलित आहार के लिए भोजन में साबूत अनाज, छिलके वाली दाल,रंगबिरंगी सब्जियां एवं फल शामिल करें । दूध या दूध से बने पदार्थ नियमित अंतराल पर हों ।

उत्तम गुणवत्ता के वसा का प्रयोग करें , साथ थोड़ी मात्रा में बादाम, अखरोट या मूंगफली भी शामिल करें।

योग व प्राणायाम

योग व प्राणायाम शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी जानकार से इन्हें सीखकर प्रतिदिन घर पर इनका अभ्यास किया जाना चाहिए।

हंसने से रक्त संचार सुचारु होता है व हमारा शरीर अधिक मात्रा में ऑक्सीजन ग्रहण करता है। तनावमुक्त होकर हँसने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने में मदद मिलती है।

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