ज्योतिष

भगवान गणेश से सीखें धन निवेश करना?

श्री गणेश सुख, संपन्नता और ज्ञान के प्रतीक

सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्ण, लम्बोदर, विकट, विघ्नविनाशन, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र, गजानन ये सभी भगवान श्रीगणेश के नाम हैं। श्री गणेश सुख, संपन्नता और ज्ञान के प्रतीक हैं। लेकिन, उनसे निवेश के भी कर्इ सबक लिए जा सकते हैं। आइए, देखते हैं कैसे?

क्या कहता है सिर?

भगवान विनायक का विशाल सिर कहता है निवेश के मैदान में सफलता हासिल करने के लिए हमें बड़ा सोचना चाहिए।

कहती हैं आंखें?

गणेश जी की आंखें बड़ी और तेज हैं। ये प्रतीक हैं कि ध्यान बंटाने वाली तरह-तरह की स्थितियां मिलेंगी। पर, हमें अपने लक्ष्य से नहीं भटकना चाहिए। निवेश में सफलता पाने का यह बड़ा मंत्र है।

क्या कहते हैं कान?

भगवान गणेश के विशाल कानों से कुछ भी अनसुना नहीं गुजरता है। ये प्रतीक हैं कि प्रभु हर बात सुनते हैं। इनसे सबक लिया जा सकता है कि हमें हर मिलने वाली जानकारी के प्रति खुला नजरिया रहना चाहिए। इनसे दिमाग में नए विचार आते हैं। इसलिए सलाहकारों से बात करते हुए अपने कान खुले रखने चाहिए।

क्या बताती है सूंड?

क्या आपने गणेश जी की सूंड को गौर से देखा है? नहीं देखा है तो ध्यान से देखिएगा। यह कहती है कि अच्छे निवेश को हमेशा बचाना चाहिए। खराब को दुरुस्त करना चाहिए। बशर्ते की इसकी जरूरत हो।

क्या कहता है फरसा?

गणेश जी के हाथ में दिखने वाले फरसे का खास महत्व है। वह इसी इसी फरसे से अपने भक्तों के कष्टों और विघ्नों को दूर करते हैं। निवेश के परिप्रेक्ष्य में इसका क्या मतलब है? यह कहता है कि बाजार में आने वाली उठापटक से चिंतित न होकर इन्हें दूर भगाना चाहिए। बाजार की बड़ी तस्वीर पर ध्यान देना चाहिए।

पेट क्या सिखाता है?

भगवान गणेश का पेट बहुत बड़ा है। इसका भी अपना महत्व है। यह कहता है कि निवेश को बनाए रखते हुए बाजार में आने वाली हर उथल-पुथल को शांति से पचा लेना चाहिए।

क्या कहता है लड्डू?

विघ्नहर्ता गणेश को लड्डू अति प्रिय हैं। उनकी पूजा में ये आकर्षण का केंद्र होते हैं। निवेश के परिप्रेक्ष्य में यह कुछ और नहीं बल्कि निवेश के फायदे का प्रतीक हैं। सच तो यही है कि सारी जद्दोजेहद के बाद यही मायने रखता है। रखता है न?

चूहे की सवारी का क्या है मतलब?

चूहा भगवान गणेश की सवारी है। इसके छोटे आकार पर नहीं जाना चाहिए। अगर अपने पर आ जाए तो यह बड़ी तबाही ला सकता है। बस छूट मिलने की जरूरत है। इसी तरह अपनी अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को भी लगाम में लगाकर रखना चाहिए। यह नुकसान का भी सबब बन सकती हैं।

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव 8178677715, 9811598848

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