कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज द्वारा पंडित मंगल पाण्डेय बलिदान दिवस पर व्याख्यान माला

- आलोक मिश्रा

रायपुर: सन् 1857 में क्रांति का प्रथम सूत्रपात करने वाले अमर बलिदानी पं. मंगल पाण्डेय जी के बलिदान दिवस पर कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज द्वारा आशीर्वाद भवन में श्रद्धांजलि सभा एवं स्वतंत्रता आंदोलन पर वृहद व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अतिथि मुख्य वक्ता प्रो. डाॅ. रमेन्द्रनाथ मिश्र ने बताया कि मंगल पाण्डेय जी के बलिदान के बाद उनका समाचार जब छत्तीसगढ़ पहुंचा तो यहाँ भी कुछ क्रांतिकारियों ने विद्रोह किया और उन्हें यहाँ अंग्रेजी हुकुमत के द्वारा फांसी की सजा सुनाई गई थी।

मंगल पाण्डेय ने अपने निज धर्म के पालन के लिए और अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिये ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में सिपाही रहकर अंग्रेज अफसर के आदेश का विरोध किया। उन्हे कोर्ट मार्शल कर जब सजा दी गई तब उनके रेजीमेंट ने मंगल पाण्डेय का साथ दिया और यहां तक की जल्लादों ने भी फांसी लगाने से इंकार कर दिया तब अंग्रेजो ने अन्य स्थान से जल्लाद बुलाकर उन्हें फांसी की सजा दी। उनके बलिदान के पश्चात ही सही मायनों में आजादी का आंदोलन आगे बढ़ा और विशाल रुप लिया।

वरिष्ठ पत्रकार समीर दीवान जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम आधुनिक और तकनीकी युग में जी रहे है और ग्लोबलाईजेशन के कारण आज हमारे देश के अधिकांश नागरिक विश्व के अन्य देशों में बरसों से रह रहे है जिसके कारण भारतीय वंशज की हमारी नई पीढ़ी भारत के आजादी के आंदोलन से बहुत ज्यादा परिचित नहीं है। हमें चाहिये कि भारतीय आंदोलन और यहां के महापुरूषों के त्याग और बलिदान की जानकारी तथा उनके याद में आयोजित कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण उन तक पहुचातें रहें ताकि उन्हें अपने गौरवशाली इतिहास की जानकारी होती रहे।

अध्यक्ष अरूण शुक्ल ने कहा कि इस तरह के आयोजन से हमारी विप्र सामाज के महान बलिदानियों के इतिहास से समाज अवगत एवं प्रेरित होगा। उपाध्यक्ष ममता शुक्ला ने भी शहीद मंगल पाण्डेय पर अपने विचार दिए। सचिव संतोष दुबे ने आभार व्यक्त करते हुए अपनी बात कही। संचालन अजय अवस्थी ने किया। अतिथियों को शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर अमित बाजपेयी, रज्जन अग्निहोत्री, शशिकांत मिश्र, प्रवीण दीक्षित, राजेश त्रिवेदी के द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से डाॅ. व्यासनारायण दीक्षित, पं. आर.के.तिवारी, विजय शंकर पाण्डेय, दशरथ प्रसाद शुक्ल, रवि प्रकाश उपाध्याय, सतीश शर्मा, देवमणी पाण्डेय, राम किशोर दीक्षित, शान्ति स्वरूप त्रिवेदी, संजय शुक्ल, विदोष कुमार द्विवेदी, राजकुमार अवस्थी, संजय तिवारी, प्रमोद दीक्षित, किरण दीक्षित, नमिता शर्मा, विनोद कुमार शुक्ल, शुभा शुक्ला, गणेश मिश्र, प्रकाश अवस्थी, रामनारायण मिश्र, संजना मिश्रा सहित विप्र समाज के सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहें।

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