छत्तीसगढ़

महापुरूष किसी समाज का नहीं बल्कि पूरे देश का होता है : रविन्द्र चौबे

बलिदान दिवस पर प्रदेश में स्कूलों का प्रारंभ होना सुखद संयोग-डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम

रायपुर : वीरांगना दुर्गावती बलिदान दिवस पर कृषि मंत्री और रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सहित विधायक अमरजीत सिंह भगत, यू.डी. मिंज, गुलाब सिंह कमरो ने आज तेलीबांधा तालाब के पास केनाल रोड़ स्थित दुर्गावती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर कृषि मंत्री चौबे ने महारानी दुर्गावती का नमन करते हुए कहा कि देश में कुछ ऐसे महापुरूष हुए हैं, जिनका स्मरण करने से ही प्रेरणा, शरीर में रोमांच और देश भक्ति की भावना उत्पन्न होती है। इन्ही में देश प्रेम की खातिर बलिदान देने का जज्बा पैदा करने वाली वीरांगना दुर्गावती हैं। उन्होंने कहा कि महापुरूष किसी समाज की नहीं बल्कि पूरे देश का होता है। आदिवासियों का राज्य के प्रति समर्पण, मिट्टी के प्रति प्रेम जुड़ा है।

डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का इतिहास और शौर्य सभी जानते हैं। उनकी गाथा समाज के लिए गौरव की बात है। महापुरूषों की स्मृति को चिरस्थायी बनाये रखने के लिए पाठ्यपुस्तकों में सम्मानपूर्वक स्थान दिया गया है और महत्वपूर्ण स्थलों पर उनकी प्रतिमाएं स्थापित की गई है। डॉ. सिंह ने कहा कि रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर यह सुखद संयोग है कि प्रदेश में आज से स्कूल भी प्रारंभ हुए हैं।

आज की लड़ाई तीर और तलवार से नहीं बल्कि शिक्षा रूपी हथियार से लड़ी जाती है। हमें उनकी जीवनगाथा से प्रेरणा लेकर उनके शौर्य को और आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम को विधायक अमरजीत सिंह भगत ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जी.आर.राना, अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज बी.पी.एस. नेताम, कार्यकारी अध्यक्ष वी.एस. रावटे सहित प्रदेश के आदिवासी समाज के प्रमुख, युवा संगठन के प्रभारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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