छत्तीसगढ़

कानूनगों शाखा प्रभार से भारमुक्त हुए विपिन, स्वास्थ केंद्र में देंगे सेवाएं

बसना/महासमुंद। सामान्य प्रशासन विभाग एवं अपर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के आदेश के विरुद्ध सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा का बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरुष बिपिन बिहारी प्रधान तहसील कार्यालय पिथौरा में विगत साढ़े 4 वर्षों से संलग्न थे।

शासन आदेश के बाद उन्हें तहसील कार्यालय पिथौरा से संलग्नीकरण समाप्त करके भारमुक्त कर दिया गया है। अब वे अपनी सेवाएं मूल पदस्थापना स्थल में देंगे।

बता दें कि आरटीआई कार्यकर्ता विनोद दास ने मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्वास्थ्य विभाग, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, सचिव राजस्व विभाग के पास पुख्ता दस्तावेजों के साथ बिपिन बिहारी प्रधान का संलग्नीकरण समाप्त कर मूल पदस्थापना स्थल में कार्य लेने की मांग किया था।

अधिकारियों ने प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन कर संज्ञान लिया। गौरतलब है कि विपिन प्रधान फरवरी 2014 से तहसील कार्यालय में निर्वाचन कार्य के लिए आए थे।

निर्वाचन कार्य समाप्ति के बाद उनके साथ आए अन्य सहकर्मियों की वापसी स्वास्थ्य विभाग में हो गई, लेकिन प्रधान को नियम विरुद्ध तहसील कार्यालय में ही कानूनगो शाखा का प्रभार सौंप दिया गया था।

इस मामले में अवर सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 10 अगस्त को संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर को नोटिस जारी कर जांच का आदेश दिया। पुनः 03 अक्टूबर 2018 को अवर सचिव छग शासन स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से विपिन बिहारी प्रधान का संलग्नीकरण समाप्त कर उनकी मूल स्थापना स्थल में पदस्थ करते हुए एक तरफा कार्यमुक्त किए जाने का आदेश प्रशासन को जारी किया।

विधानसभा चुनाव में व्यस्तता होने के कारण जिला प्रशासन आदेश का तत्काल पालन कराने में सफल नहीं रहा इसी मामले में 12 नवंबर को अवर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग ने भी महासमुन्द कलेक्टर को पत्र भेजा।

इसके बाद तहसीलदार पिथौरा ने 24 नवंबर 2018 को उच्च कार्यालय से प्राप्त आदेश का उल्लेख कर कानूनगो शाखा में संलग्न कर्मचारी विपिन बिहारी प्रधान का संलग्नीकरण समाप्त कर उनकी मूल स्थापना स्थल स्वास्थ्य विभाग पिथौरा हेतु भारमुक्त कर दिया।

बीएमओ पिथौरा तारा अग्रवाल ने बताया कि विपिन बिहारी प्रधान ने स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा में कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

Back to top button