एलआईसी ने आईडीबीआई में 51 फ़ीसदी हिस्सेदारी कर अधिग्रहण की प्रक्रिया की पूरी

बैंक को आरबीआई की पीसीए से बाहर निकलने में मिलेगी मदद

नई दिल्ली: आईडीबीआई बैंक अब एलआईसी (लाइफ इन्सोरेंस कार्पोरेशन) के नियंत्रण में आ गया है. आईडीबीआई बैंक ने सोमवार को कहा है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने बैंक की 51 फीसदी हिस्‍सेदारी के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल दी थी मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल अगस्त में एलआईसी को आईडीबीआई बैंक में नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दी थी. एलआईसी की आईडीबीआई बैंक में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदकर बैंकिंग क्षेत्र में प्रवेश करने की योजना है. आईडीबीआई बैंक का कारोबार दबाव में रहने के बावजूद इस सौदे से दोनों इकाइयों को व्यावसायिक सहयोग मिलने की उम्मीद है.

आईडीबीआई बैंक को चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में 3,602.49 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था. वहीं, बैंक का सकल एनपीए कुल कर्ज का 31.78 फीसदी (60,875.49 करोड़ रुपये) रहा. पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में यह आंकड़ा 24.98 फीसदी था.

बैंक ने कहा कि आईडीबीआई बैंक और एलआईसी ने अगले 12 महीने में अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है. वित्तीय हालत में सुधार से आईडीबीआई बैंक को आरबीआई की त्वरित सुधार कार्रवाई (पीसीए) से बाहर निकलने में मदद मिलेगी.

वहीं, दूसरी ओर आईडीबीआई बैंक ने शीर्ष प्रबंधन में फिलहाल को कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है और मौजूदा प्रबंधन के साथ ही बने रहने का निश्चय किया है. राकेश शर्मा बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बने रहेंगे. बैंक के निदेशक मंडल ने आईडीबीआई बैंक के बोर्ड में अतिरिक्त निदेशक और एलआईसी के नामित निदेशक के रूप में राजेश कंडवाल की नियुक्ति को मंजूरी दी है.

कंडवाल एलआईसी एचएफएल केयर होम्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और निदेशक हैं. बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि आईडीबीआई बैंक के निदेशक मंडल ने 21 जनवरी को हुई बैठक में राकेश शर्मा को प्रबंध निदेशक और सीईओ तथा केपी नायर और जीएम यदवाडकर को उप प्रबंध निदेशक के रूप में बरकरार रखने को मंजूरी दी.

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