छत्तीसगढ़

लंबी जद्दोजहद के बाद चकरभाठा एयरपोर्ट को मिला लाइसेंस

अंकित मिंज

बिलासपुर। आखिरकार इंतजार की लंबी घडिय़ां समाप्त हो गईं। भारत सरकार के केन्द्रीय उड्डयन मंत्रालय ने चकरभाठा को कमर्शियल फ्लाइट के लिए लायसेंस जारी कर दिया। डायरेक्टोरेट जनरल आफ सिविल सिविल एविएशन ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ सरकार और एयरपोर्ट अथारिटी को पत्र जारी किया है।

हालांकि ये लायसेंस राज्य भर की उड़ानों के लिए जारी किया गया है, बिलासपुर से सीधे मुंबई या दिल्ली की उड़ान के लिए अभी प्रतीक्षा करनी होगी। सिविल एविएशन ने रीजनल कनेक्टिविटी सर्विस के लिए लायसेंस जारी किया है।

प्रदेश की राजधानी रायपुर और जगदलपुर के बाद शीघ्र ही बिलासपुर से हवाई सेवा शुरु हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि चकरभाठा में एयरोड्रम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और दिंसबर के अंत तक सभी अधूरे काम पूरे हो जाएंगे।

इससे पहले डीजीसीए के अधिकारियों ने अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था और जरुरी अधूरे काम निपटाने के निर्देश दिए थे। इन तमाम पहलुओं और हाईकोर्ट की लगातार फटकार के बाद बिलासपुर एयरपोर्ट का लायसेंस जारी किया गया है।

इस मामले में चकरभाठा एयरपोर्ट अथारिटीए सिविल एविएशन और जिला प्रशासन विशेषकर कलेक्टर पीण् दयानंद ने काफी दिलचस्पी दिखाई। सभी अधिकारी लगातार एयरपोर्ट की मानिटरिंग में लगे रहे और एयरस्ट्रिप के बारीक से बारीक कामों को तत्परता से पूरा किया।

हालांकि इस प्रकरण में हाईकोर्ट की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। अधूरे कांमों को पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन से लेकर एयरपोर्ट अथारिटी और सिविल एविएशन अधिकारियों की जिस प्रकार से सख्ती की गई।

उसका परिणाम है कि एयरपोर्ट की सौगात नए वर्ष से अवश्य मिलेगी। दो याचिकाओं पर चल रही सुनवाई: ज्ञात हो कि चकरभाठा से इंटरस्टेट विमान सेवा को लेकर पत्रकार कमल दुबे और हाईकोर्ट प्रैक्टिसिंग बार एसोसिएशन द्वारा जनहित याचिका लगाई गई है।

याचिका में न्यायधानी और केंद्रीय आफिसों, रेलवे और एसईसीएल का हवाला देते हुए इंटरस्टेट हवाई सेवा की मांग की गई है। कहा गया है कि रायपुर आने-जाने में लोगों के कई घंटे बरबाद हो जाते हैं। इस नाते हवाई सेवा की सुविधा तो मिलनी ही चाहिए।

करीब दो दर्जन सुनवाइयों के बाद भी एयरपोर्ट का काम अभी तक अधूरा है। कोर्ट को कई बार काम पूरा होने की तिथि दी गई। 1 जनवरी 2018 से लेकर 15 अगस्त की डेडलाइन दी गई थी। लेकिन दोनों ही तिथियों पर काम पूरा नहीं हो सका।

26 नवंबर को अधिकारियों द्वारा दिसंबर के अंत तक काम पूरा होने की जानकारी देने और लायसेंस का काम भी 10 दिसंबर तक होने की सूचना दी गई थी। अब संभावना जगी है कि अगले वर्ष 2019 एयरपोर्ट की सौगात शहरवासियों को मिलगी।

हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगी: कोलकाता सिविल एविएशन द्वारा पिछली सुनवाई के दौरान 43 कमियां गिनाने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई थी।

सीजे की युगलपीठ ने सिविल एविएशन विभाग के अधिकारियों को समन्वय से काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि दिल्ली डीजीसीए की टीम अपने निरीक्षण में 29 कमियां बताती है जिस पर पिछले दो महीने से काम चल रहा है।

और कोलकाता की टीम द्वारा 43 और कमियां बताई जा रही है। इस प्रकार के टालमटोल रवैये से हाईकोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। ये सही नहीं है।

हाईकोर्ट ने नाराज होकर डायरेक्टोरेट जनरल आफ सिविल एविएशन के शीर्ष अधिकारी तथा राज्य शासन के विशेष सिविल सचिव को हाईकोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश जारी किए थे। हाईकोर्ट में दो दर्जन बार हुई

हवाई सेवा को लेकर हाईकोर्ट में दो दर्जन बार सुनवाई की गईए तब जाकर लायसेंस जारी हो सका। सीजे अजय कुमार त्रिपाठी एवं जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ मेंं डीजीसीए, सिविल एविएशन और एयरपोर्ट अथॉरिटी रायपुर से लेकर चकरभाठा के एयरपोर्ट मैनेजर और कलेक्टर बिलासपुर कई बार उपस्थित हुए।

चकरभाठा एयरपोर्ट की बारिक से बारिक हरकत पर हाईकोर्ट की नजर रही। अधिकारियों ने कई बार कहा काम की गति काफी तेज है। लेकिन इसके बावजूद कभी 43 काम अधूरे रहे तो कभी 29। पिछले नहीने 26 नवंबर की सुनवाई में 36 काम पूरे होने तथा बचे हुए 7 काम दिसंबर अंत तक पूरा किए जाने का आश्वासन हाईकोर्ट को दिया गया।

साथ ही लायसेंस की प्रक्रिया भी 10 दिंसबर तक पूरी किए जाने की बात कही गई। उद्योग और व्यापार को मिलेगी नई ऊंचाईया: बिलासपुर से हवाई सेवा का शुरु होना आने वाले वर्षों में उद्योग और व्यापार को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

ये सही है कि इस काम में काफी वक्त लग गया, पर देर आए दुरुस्त आए। हालांकि अभी राज्य के लिए हवाई सेवा शुरु होगी पर आने वाले दिनों में दिल्ली, मुंबई के लिए भी सीधा उड़ सकेंगे। शहरवासियों को बधाई।

हरीश केडिया, अध्यक्ष, छग लघु एवं सहायक उद्योग संघ वर्षों पुरानी मुराद होगी पूरी: बड़ी खुशी की बात है कि बिलासपुर की वर्षों पुरानी मुराद पूरी हुई। हमारी कोशिश होतकनीकी बारिकियों को पूरा करने के बाद लायसेंस की प्रक्रिया पूरी हो सकी है। शहरवासियों के लिए नया साल खुशियों की सौगात लेकर आएगा।

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