व्यवसायी हत्याकांड में चार आरोपितों को आजीवन कारावास

मंदसौर। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश जयंत शर्मा ने 30 जनवरी 2015 को हुए इलेक्ट्रानिक व्यवसायी वीरेंद्र ठन्ना की हत्या के मामले में मंगलवार को फैसला सुनाते हुए अखेपुर के कुख्यात बदमाश आजम लाला सहित चार आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपितों ने ठन्ना परिवार के दलौदा स्थित एक प्लाट को कब्जाने की नीयत से ठन्ना की हत्या कर दी थी।

इस मामले में अदालत ने कुल 11 आरोपितों में से सात आरोपितों को बरी भी किया है। उप संचालक अभियोजन बापूसिंह ठाकुर ने बताया कि यह प्रकरण चिन्हित जघन्य सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में रखा गया था। 30 दिसंबर 2015 को रात्रि आठ बजे लगभग कालाखेत के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी वीरेंद्र ठन्ना निवासी शुक्ला अपने चचेरे भाई सुरेंद्र ठन्नाा के साथ अपनी दुकान बंद करके मोटरसाइकिल से घर शुक्ला कॉलोनी जा रहे थे।

सुचित्रा टॉकीज केे पास सामने से मोटरसाइकिल पर तीन आरोपितों ने पिस्टल निकाल कर वीरेद्र ठन्ना को गोली मारकर भाग गए। जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों ने परीक्षण उपरांत वीरेंद्र ठन्ना को मृत घोषित कर दिया।

इस मामले में न्यायाधीश ने मंगलवार को भादसं की धारा 302 के तहत सरफराज उर्फ शानू पेचकस पिता मुन्नाा खां उर्फ मुनव्वर (24) निवासी कधी बस्ती प्रतापगढ़, अरमान उर्फ समीर उर्फ विक्‍की पिता सलीम खान (23) निवासी गोदशाह उज्जैन हालमुकाम इंद्रा कॉलोनी झुग्गी मंदसौर को भादसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई है।

साथ ही भादसं की धारा 302, 120 बी में रफीक पिता नत्थूखां मुसलमान (33) निवासी मिर्चीवाड़ा मंदसौर, आजम लाला पिता कय्यूम लाला (36) निवासी अखेपूर जिला प्रतापगढ़ (राज.) को आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया। आजम लाला के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास के अन्य प्रकरण भी दर्ज हुए है।

Back to top button