“ज़िन्दगी उन अफसानों का जीता जागता रूप है, जो हम खुद को सुनाते हैं।“- डॉ. भावना गौतम

डॉक्टर भावना गौतम ने अपने स्वास्थ्य- आकांक्षी श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा

मुंबई। ‘महामारी ने स्वास्थ्य और कुशलता के प्रति हमारा दृष्टिकोण ही बदल दिया है। शुक्रवार २५ जून २०२१ को मुंबई के अँधेरी (वेस्ट) में आयोजित एक कार्यक्रम में एम्ब्रेसलाइफ की संस्थापक हैं व इस संस्था के तहत वह होलिस्टिक हेल्थ कंसल्टेंसी तथा वैलनेस कोचिंग देने वाली डॉक्टर भावना गौतम ने अपने स्वास्थ्य- आकांक्षी ( वह उन्हें रोगी नहीं कहती है) श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा। शारीरिक और मानसिक कुशलता का आधार वह मस्तिष्क- देह- समीकरण को मानती हैं, और पारम्परिक लक्षण- रोग- उपचार के तरीके को मानवीय कुशल-क्षेम के लिए अपर्याप्त समझती हैं।

एम्ब्रेसलाइफ डॉ भावना के लिए एक यात्रा है, ना कि रातोंरात पैदा हुआ कोई विचार। एक यात्रा जिसे तय करते हुए, पहले एक मेडिकल स्टूडेंट के तौर पर और फिर एक डॉक्टर की भूमिका में, उन्होंने पारंपरिक उपचार और उसके प्रभाव की सीमाओं को समझा। जहाँ हमेशा बीमारी के इलाज पर ज़ोर दिया गया ना कि निवारण पर, लक्षण देखकर बीमारी को टुकड़ों में ठीक करने पर ध्यान रहा ना कि मनुष्य की संपूर्णता को महत्व देते हुए, और केवल शारीरिक आयाम और रोग को केंद्र में रखा गया जबकि अतिमहत्वपूर्ण भावनात्मक, बौद्धिक, तथैव आध्यात्मिक पहलूओं को गौण माना गया।

वे कहती है,” टिस (टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज) से हॉस्पिटल मैनेजमेंट में मास्टर्स के दौरान मुझे मानवीय स्वास्थ्य की बृहद तस्वीर देखने को मिली और मनुष्य के अंतर्मन और उसके बाहरी वातावरण का उसके शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक कुशल-क्षेम के लिए महत्व समझ में आया।”

आगे डॉक्टर भावना कहती है,” उसके बाद का मेरा स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र का या फिर अस्पताल प्रबंधन का अनुभव रहा हो, मैं हमेशा व्यक्ति की सम्पूर्ण कुशलता को लेकर सोचती रही। अधिकतम रोग या विकार आज दीर्घकालिक जीवनशैली रोगों की श्रेणी में आते हैं। मगर सभी रोगों का उपचार आज भी जीवनशैली में गुणात्मक बदलाव को नज़रंदाज़ करके किया जाता है। बीमारी को तो आज सब समझते हैं, वह इंसान भी जो इस चुनौती से जूझ रहा होता है। तथापि, हम यह कभी नहीं समझ पाते हैं कि वे कौनसे तत्व हैं जो हमारी कुशलक्षेम के बारे में हमारा चयन, हमारे विकल्प, और हमारा दृष्टिकोण निर्धारित करते हैं। एक व्यक्ति क्या महसूस करता है, क्या सोचता है, और अपने साथ, या दूसरों के साथ कैसे जुड़ता है या क्या वार्तालाप करता है, ये सब बातें उसके ठीक होने, सँभलने, और खोया हुआ वापस पाकर ज़िन्दगी के अहाते में लौटने में बहुत कारगर होती हैं। यह सब आज वैश्विक स्तर पर हो रहे अनुसंधानों के मुताबिक है, जिनसे तय हो गया है कि एक व्यक्ति की मानसिक कुशलता ही उसके स्वास्थ्य और जीवन की ख़ुशी का आधार है।”

उनकी एम्ब्रेसलाइफ का मूलमंत्र है, एक जैविक और दीर्घजीवी अंतरशक्ति का निर्माण करना, जिससे व्यक्ति अपने जीवन को दिशा देने में समर्थ हो सके। ऐसा परिवर्तन आपके स्वास्थ्य और कुशलता तक ही सीमित नहीं होता है,बल्कि आपके संबंधों, आपके करियर, यहाँ तक कि आपके मूलतत्व तक जाता है। एम्ब्रेसलाइफ का उद्देश्य है आपकी सर्वश्रेष्ठ कहानी की संरचना तैयार करना। एक ऐसी कहानी जो आपकी प्रतिष्ठा, आपके चिंता या स्वास्थ्य की चुनौतियों के बोझ तले नहीं दबे। एम्ब्रेसलाइफ आपके अफसाने का मजमून बदलने में आपका साथी होना चाहता है। आपके मन में छुपा एक सपना है और आपको लगता है वह सपना साकार नही हो सकता, एम्ब्रेसलाइफ उस सपने की तामीर में आपका सहयोगी बनना चाहता है।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button