मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से बदल रहा युवाओं का जीवन

रायपुर : मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्राप्त करके युवाओं ने अपने सपनों को साकार करना शुरू कर दिया है। भिलाई के एम. देवराज ऐसे ही एक शिक्षित युवक हैं, जिन्होंने कम्प्यूटर नेटवर्क असिस्टेंट का प्रशिक्षण लिया और सालाना ढाई लाख रूपए के पैकेज पर जाइलम रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड बंगलुरू में काम कर रहे हैं। एम. देवराज के पिता एक संविदा कर्मचारी है और आम तौर पर बाहर रहते हैं। दो-तीन महीने में एक बार घरेलू खर्च के लिए दस-बारह हजार रूपए भेज पाते हैं।

घर के खर्चों को पूरा करने के लिए देवराज ने मजदूरी भी की। स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण देवराज ने मुख्यमंत्री कौशल योजना के तहत विभिन्न रोजगार मूलक कोर्स में प्रशिक्षण मिलने की बात सुनी और भिलाई के सेक्टर 10 में संचालित हो रहे प्रशिक्षण केन्द्र जा पहुंचा। यहां उसे विभिन्न प्रशिक्षण कोर्स की जानकारी मिली। देवराज ने कम्प्यूटर नेटवर्क असिस्टेंट आई.सी.टी. 704 का कोर्स चुना और मनोयोग से प्रशिक्षण लिया। नवम्बर 2017 में कोर्स समाप्त होने के बाद उसे जाइलम रिसोर्स मेनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड बंगलुरू ने ढाई लाख रूपए के सालाना पैकेज पर अपने यहां काम पर रख लिया। कम्पनी ने भिलाई के सेक्टर 10 में संचालित हो रहे एचपी वर्ल्ड में इनसाईड प्रमोटर के पद पर कार्य करने का जिम्मा देवराज को सौंपा है। इस काम की वजह से देवराज घर के खर्च भी आसानी से पूरा कर पा रहा है। साथ ही बहन की शादी के लिए पिता द्वारा लिए गए कर्ज की राशि को भी चुका रहा है।

सुपेला भिलाई का निवासी गोपाल साहू भी शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए मार्गदर्शक बन गए है। गोपाल के घर की आमदनी का एक मात्र साधन नाश्ता सेंटर है, जो उसके पिता चलाते हैं। आर्थिक तंगी के कारण गोपाल दसवीं तक ही पढ़ सका और पिता के काम में हाथ बंटाने लगा। अखबार में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के विषय में पढ़कर उसने भी प्रशिक्षण प्राप्त करने की ठानी और रिपेयर एंड मेनटनेंस आफ पर्सनल इलेक्ट्रानिक डिवाईसेस ई.एल.सी. 701 कोर्स में प्रशिक्षण के लिए पंजीयन कराया। सुपेला स्थित प्रशिक्षण केन्द्र से 520 घंटे के प्रशिक्षण के बाद ओप्पो मोबाइल सर्विस सेंटर धमतरी में सर्विस इंजीनियर के पद पर कार्य कर रहा है। उसकी मासिक आय चौदह हजार रूपए है। अब गोपाल के घर की स्थिति अच्छी हो चली है। गोपाल इस क्षेत्र में और विशेषज्ञता हासिल करना चाहता है। अपने साथियों को भी वह सलाह देता है कि बेकार में समय गंवाने से अच्छा है कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में संचालित किए जा रहे प्रशिक्षण का लाभ उठायें और आमदनी बढ़ाएं।

भिलाई कैम्प एक निवासी मोटर मैकेनिक के पुत्र पईला युगांधर भी मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के मोबाइल रिपेयरिंग एवं कम्प्यूटर हार्डवेयर रिपेयरिंग के कोर्स का प्रशिक्षण लेकर 12-13 हजार रूपए प्रतिमाह कमा रहे हैं। पईला सेक्टर 5 भिलाई में एक्सप्रेस कम्युनिकेशन नाम से स्वयं का रिपेयरिंग सेंटर संचालित कर रहे हैं। भिलाई सेक्टर 10 के स्नातक विनोद कुमार ने भी योजना के तहत कम्प्यूटर नेटवर्क असिस्टेंट आईसीटी 704 पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण लिया और अभी वे ओम सिस्टम सर्विस लिमिटेड हैदराबाद में सात हजार रूपए की मासिक तनख्वाह पर काम कर रहे हैं। कंपनी में भिलाई स्टील प्लांट के सभी कम्प्यूटर्स की देखरेख के लिए विनोद को सिस्टम सपोर्ट इंजीनियर बनाया है। विनोद कुमार के परिवार का गुजारा चाट के ठेले से चलता था, जो उसके पिता चलाया करते थे।

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के लाभान्वितों में देवराज, गोपाल, पईला जैसे कई युवा शामिल हैं, जो विभिन्न रोजगार मूलक कोर्स का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर हो चुके हैं। अपने स्वयं की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही परिवार के आर्थिक स्थिति सुधारने में माता-पिता के सहयोगी बन रहे हैं।

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