हत्या के आरोपी बीजेपी एमएलए को उम्रकैद

अहमदाबाद। गुजरात हाई कोर्ट ने शुक्रवार को हत्या के आरोप में गोंदल से बीजेपी के एमएलए जय सिंह जाडेजा और उनके दो सहयोगियों को दोषी करार देते हुए 3 महीने की सजा सुनाई है।

जय सिंह जाडेजा पर अपने विरोधी नीलेश रैयानी की हत्या का आरोप है। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए यह फैसला सुनाया।

ट्रायल कोर्ट ने पहले जाडेजा समेत 14 अन्य आरोपियों की को बरी कर दिया था। हालांकि, इसी केस में जाडेजा के एक सहयोगी समीर पठान को ट्रायल कोर्ट ने दोषी माना था।

 

जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस बीरेन वैष्णव की खंडपीठ ने सजा सुनाते हुए यह माना कि ट्रायल कोर्ट द्वारा एमएलए जाडेजा और उनके दो सहयोगियों अमरजीत सिंह जाडेजा और महेंद्र सिंह जाडेजा को बरी करने के फैसले में खामी थी।

गोंदल शहर में पटेल और दरबार समुदाय के बीच जातीय प्रतिद्वंद और जमीन विवाद के कारण यह हत्या हुई थी।

रैयानी की हत्या 8 फरवरी 2004 को हुई थी। इसी मामले में कुछ दिनों बाद एक बीजेपी नेता की भी हत्या हुई थी।

हाई कोर्ट ने पठान को दोषी ठहराने के फैसले पर ऐतराज जताया और कहा कि बिना पर्याप्त सबूतों के ही पठान को सजा सुनाई गई है।

कोर्ट ने कहा कि मामले में पेश किए गए ज्यादातर गवाहों के बयान भरोसे के लायक नहीं है।

केस में सबसे अहम गवाह की गवाही भी संदेहास्पद है, क्योंकि क्रॉस इग्जैमिनेशन में गवाह अपने बयान बदल रहे हैं

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