वायरल मेसेजः यह गोली खाने से पहले जान लें

गुड़गांव: ‘पेन किलर के तौर पर इस्तेमाल होने वाली दवा कॉम्बिफ्लेम की एक गोली आपकी जान भी ले सकती है। खुद कंपनी मार्केट से ये गोलियां वापस मंगवा रही है।

‘ ऐसा मेसेज इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हमने इस मेसेज का सच पता करने के लिए इसकी पड़ताल की।

सरकारी अस्पतालों में नहीं हो रहा इस्तेमाल

गुड़गांव के सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मनीष राठी ने बताया कि यह दवा एक पेन किलर है जो दो दवाओं के संयोजन से बनी है। हेवी डोज होने के कारण इससे बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स बढ़ने के बजाय कम होने लगती हैं।

कुल मिलाकर कहें तो यह वाकई स्वास्थ्य के लिए हनिकारक है। यही वजह है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को यह दवा नहीं दी जाती। न ही किसी को इसे इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

कई बार टेस्ट में फेल हुई है यह दवा

साल 2015 में सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) की लिस्ट में इस दवा को घटिया दवा बताया गया था।

यह मानकों पर खरी नहीं उतरी थी। इसके बाद इसकी निर्माता कंपनी ने इसे मार्केट से उठवा लिया था। वहीं, अप्रैल 2016 में भी इस दवा में मिलावट भी पाई गई थी।

मेसेज है पुराना, बैन नहीं है दवा


हालांकि जब दवा पर बैन के बारे में पूछा गया तो गुड़गांव केमिस्ट असोसिएशन के अध्यक्ष शरद मेहरोत्रा ने कहा कि कॉम्बिफ्लेम दवा एक ब्रैंड की ऐलोपेथिक ओवर द काउंटर सेल ड्रग (OTC) दवाई है यानी इसे बिना प्रिस्क्रिप्शन के भी लोग डायरेक्ट केमिस्ट से ले सकते हैं।

इसका इस्तेमाल सर्दी, बुखार, फ्लू, सूजन और पीठ में दर्द आदि से आराम पाने के लिए किया जाता है और यह दवा बैन नहीं है।

उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर चलने वाला यह मेसेज पुराना है। इसलिए इसे पढ़कर परेशान न हों।

हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि अगर कोई कॉम्बिफ्लेम लेता है, तो खाने से पहले इसकी मैन्यूफेक्चरिंग डेट और बैच नंबर जरूर देख लें। इसके बाद ही दवा खाएं। ऐसा करना सेफ रहेगा।

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