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दीये के समान हैं जवान, पैदा करते हैं निडरता का भाव: मोदी

प्रधानमंत्री ने दीपावली के मौके पर हर्षिल में सेना और आईटीबीपी के जवानों से की मुलाकात

हर्षिल (उत्तराखंड)। पीएम नरेंद्र मोदी ने दीपावली के मौके पर उत्तराखंड के हर्षिल में सेना और आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात की। पीएम मोदी ने कहा कि देश की सुरक्षा में डटे जवान सवा सौ करोड़ भारतीयों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करते हैं।

वह अंधेरे में रोशनी के प्रतीक हैं। पीएम मोदी ने केदारनाथ में पूजा अर्चना और जवानों को मिठाई खिलाने के बाद जवानों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा, ‘दीपावली का पर्व अज्ञान से ज्ञान, अंधियारे से उजाले की तरफ मार्ग प्रशस्त करता है। जहां प्रकाश होता है, वहां सद्कर्मों के लिए प्रेरणा मिलती है। मन पर भी उजाले का एक प्रभाव होता है।

इसलिए बुरे कर्म करने वाले अंधियारा ज्यादा पसंद करते हैं।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘प्रकाश में अभय होता है। अभय क्यों आता है क्योंकि दिया खुद जलकर प्रकाश उत्पन्न करता है। सेना के जवान दीये के समान ही हैं।’ उन्होंने कहा, ‘सेना के जवान लोगों में अभय और निडरता का भाव पैदा करते हैं। कभी मुसीबत में होते हैं तो कहा जाता है कि आशा की किरण दिखेगी।’

जवानों के माता-पिता और गुरुजनों को नमन

मैं आपके गुरुजनों और माता-पिता को नमन करता हूं, जिन्होंने देश के लिए जीने की प्रेरणा दी। मैं आप लोगों का अभिवादन करता हूं। मैं अकसर कई वर्षों से जवानों के साथ दिवाली मनाता रहा हूं। सीएम रहते हुए भी मैं सीमा पर जाता था। पीएम बनने के बाद भी मैं दिवाली पर जवानों के बीच जाता हूं।

वन रैंक, वन पेंशन पर थपथपाई सरकार की पीठ

125 करोड़ भारतीयों के सपनों की सुरक्षा करते हैं जवान। जब मैं पार्टी के संगठन का काम करता था तो हिमाचल मेरा कार्यक्षेत्र रहा। वहां फौजियों की बड़ी संख्या है। तब आज से 30 से 40 साल पहले हर व्यक्ति से मैं वन रैंक वन पेंशन की बात सुनता था।

आप लोगों के बीच बहुत लंबा वक्त गुजारा है, इसलिए इस मुद्दे की संवेदनशीलता को मैं समझता। इसलिए जब मैं पीएम बना तो इस संबंध में विचार किया।

इसलिए चर्चित है हर्षिल

हर्षिल उत्तरकाशी से महज 73 किलोमीटर की दूरी और 7,860 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह इलाका गंगोत्री हाईवे के किनारे बसा है। गंगोत्रीधाम से करीब 25 किलोमीटर पहले यहां सैनिक छावनी स्थित है,

जहां पीएम मोदी सैनिकों के बीच दीपावली मनाने पहुंचे। गंगा के तट पर बसे हर्षिल के छोटे से भू-भाग में नदी-नालों, जल-प्रपातों की भरमार है। इसकी टूरिस्टों के बीच भी खासी पहचान है।

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