मुंबई आग: 14 की मौत, हेमा बोलीं- हादसे के लिए बढ़ती आबादी जिम्मेदार

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के कमला मिल कंपाउंड स्थित मोजोस ब्रिस्ट्रो पब में आग लग गई जिसमें कई परिवार की खुशियां जलकर राख हो गई।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के कमला मिल कंपाउंड स्थित मोजोस ब्रिस्ट्रो पब में आग लग गई जिसमें कई परिवार की खुशियां जलकर राख हो गई। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई जिसमें 11 महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। मुंबई में एक महीने के दौरान आग में जलने की यह दूसरी घटना है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस मामले में बीएमसी के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। वहीं, मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त अजॉय मेहता को मामले की जांच का आदेश दिया गया ।

बीएमसी आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक लोअर परेल स्थित कमला मिल कंपाउंड के ट्रेड हाउस इमारत में बृहस्पतिवार की आधी रात के बाद 1-अबव बार में आग लगी। इमारत के टेरिस पर बांस और प्लास्टिक का छप्पर होने के कारण आग की लपटें तेज हो गई।

देखते ही देखते बगल के मोजोस ब्रिस्टो पब भी आग के घेरे में आ गया। जिस समय आग लगी उस दौरान पब में 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। वहीं, रेस्तरां में जन्मदिन की पार्टी भी चल रही थी।

आग की लपटों के तेज होने पर कुछ लोग जान बचाकर भागने में सफल रहे जबकि कुछ लोग टॉयलेट में धुस गए जहां कई लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। कमला मिल कंपाउंड में मराठी और अंग्रेजी न्यूज चैनल के अलावा प्राईवेट कंपनियों के दफ्तर भी है।

इसलिए इस इलाके में देर रात तक चहल पहल रहती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें कई अन्य दफ्तरों तक भी पहुंची लेकिन, दमकल विभाग के पहुंचने के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई। आग में बुरी तरह झुलसे 12 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जिनमें दो की हालत गंभीर है।

एमएन जोशी पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक अहदम उस्मान पठान ने बताया कि 1 अबव पब से आग की लपटें उठी और दूसरे रेस्तरां में भी आग की लपटे पहुंच गई। पब के मालिक हितेश सिंघवी, जिगर सिंघवी और अभिजीत मानकर के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि निलंबित अधिकारियों के दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज किया जाएगा।

सरबजीत परेला, धैर्य ललानी और विश्व ललानी की मौत हुई है। धैर्य और विश्व सगे भाई थे। वहीं, महिलाओं में प्रमीला, तेजल गांधी (36), खुशबू बंसल (28), पारूल लकड़ावाला (49), किंजल शाह (21), शेफाली, कविता धरानी (36) यशा ठक्कर (22), प्राची खत्री (30), मनीषा शाह (47) और प्रीति राजगिरिया (47) का समावेश है।

बढ़ती आबादी हादसे की वजह

पूर्व अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने इस पूरे हादसे के लिए भारत की आबादी को जिम्मेदार बताया है। संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘ऐसा नहीं है कि पुलिस अपना काम नहीं कर रही। लेकिन असल समस्या हमारी जनसंख्या है। ऐसे में हर शहर की जनसंख्या निर्धारित होनी चाहिए।’

खुशबू का आखिरी जन्मदिन

खुशबू बंसल (28) का यह आखिरी जन्मदिन रहा। आग लगने की घटना से कुछ समय पहले ही खुशबू ने केक काटा था। वह काफी खुश थी। लेकिन, इसके बाद सब कुछ जलकर तबाह हो गया। केक काटते हुए उसका वीडियो भी वायरल हुआ है।

इस वीडियो का एक शीर्षक भी था जिसमें अंग्रेजी में लिखा था हैपिएस्ट बर्थडे खुशी। पति ने खुशबू की लाश को पहचान लिया है।

खुशबू की मौत की खबर से उनके दादा का बुरा हाल है। बूढ़ी आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। वह कहते हैं कि मेरी पोती नहीं रही। उसका जन्मदिन था। किसी ने चिंता नहीं की। इस रेस्टोरेंट के पास आग बुझाने के उपकरण नहीं थे। बीएमसी और पुलिस ने कुछ नहीं किया।

नया साल मनाने पहली बार मुंबई आई थी यशा

22 वर्षीय युवती यशा ठक्कर पहली बार नया साल मनाने गुजरात से मुंबई आई थी। लेकिन, उसकी गुजरात से मुंबई की यात्रा आखिरी साबित हुई। यशा अपने भाई और बहन के साथ 1 एबब पब में डिनर के लिए गई थी। वह धमाल-मस्ती के मूड में थी और थर्टी फर्स्ट मनाने की योजना बना रही थी लेकिन, यशा को क्या पता था कि कुछ ही क्षणों में उसकी जिंदगी खत्म हो जाएगी।

बेटी बची मां चल बसी

प्रीति राजगिरिया के पति किसी काम से बड़ोदा गए थे। इसलिए रात्रि भोजन के लिए प्रीति अपनी बेटी रूचि के साथ वन अबव में रात के डिनर पर गई थी।

आग लगने के दौरान प्रीति ने अपनी बच्ची का हाथ थाम रखा था लेकिन, भगदड़ में रुचि का हाथ उससे छूट गया। रुचि तो बच गई लेकिन उसकी मां प्रीति आग के शोलों में समा गई।

advt
Back to top button