छत्तीसगढ़

चुनावी माहौल में आयोग दफ्तरों में लटक रहे ताले, सुनवाई सुस्त

रायपुर।

राज्य सरकार के विभिन्न आयोगों में मामले निपटाने और सुनवाई की चाल विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद भी सुस्त चल रही है। दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के 13वें दिन भी दफ्तरों में चुनावी खुमारी का असर दिख रहा है। दफ्तरों से अधिकतर कर्मचारी नदारद नजर आए।

आयोग के अध्यक्ष और अधिकतर सदस्य भी इन दिनों कार्यालय में नहीं दिख रहे हैं। सोमवार को दोपहर 12.30 बजे छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के कार्यालय में ताला लटका था। पूछने पर सुरक्षा गार्ड ने बताया कि चुनाव के बाद से कार्यालय नियमित नहीं खुल रहा है।

अभी खुलने का तो है लेकिन कर्मचारी कब तक आएंगे इसका पता नहीं। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के सचिव एचकेएस सिंह उइके ने बताया कि चुनाव की वजह से सुनवाई के लिए लोग नहीं आ रहे हैं। इसके साथ ही विभागीय प्रकरणों के निराकरण भी ठंंडे बस्ते में हैं। डाक संबंधित कार्य भी प्रभावित हुए हैं।

राज्य अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक आयोग के सचिव बद्रीश सुखदेव ने बताया कि अभी तो आचार संहिता लगी हुई है। ऐसे में सरकारी काम कम है। प्रकरणों के निराकरण संबंधित कार्यों में भी कमी आई है। सुनवाई के लिए लोगों का आना कम हो गया है। वहीं राज्य महिला आयोग के सचिव आरजे कुशवाहा ने बताया कि यहां प्रकरणों के निराकरण के अलावा अन्य कार्य भी यथावत रूप से चल रहे हैं।

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सचिव बीआर साहू का कहना है कि आयोग के कार्यों का संपादन तो ठीक चल रहा है। हालांकि मतदान के बाद अधिक प्रकरण नहीं आ रहे हैं। सुनवाई में भी कमी आई है।

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