राष्ट्रीय

देश के करीब आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों में टिड्डियों के हमले

खरीफ फसलों को भारी नुकसान की आशंका

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और छत्तीसगढ़ की सरकारें राज्यों में टिड्डियों के हमले से निपटने के लिए सक्रिय हो गई हैं। निगरानी समितियां बनाने के साथ ही कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है।

टिड्डियों के हमले से खरीफ फसलों गन्ना, कपास, मूंग के साथ ही सब्जियों और बागवानी फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन की मार झेल रहे किसानों के खेतों में टिड्डियों के हमले से दोहरी मार पड़ रही है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के एक वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि एफएओ ने टिड्डियों के बारे में समय पर जानकारी दे दी थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों में आपसी समन्वय नहीं होने के कारण समय पर टिड्डियों को रोकने के उपाय नहीं किए गए। इस कारण टिड्डियों का दल देश के आधा दर्जन राज्यों तक पहुंच गया है। रबी सीजन में गुजरात, राजस्थान, पंजाब और हरियााणा में टिड्डियों ने काफी नुकसान पहुंचाया था।

हाल ही में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि टिड्डी समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत है और काफी हद तक सफलता मिली भी है। उन्होंने कहा था कि इस समस्या से निपटने के लिए ब्रिटेन से नई मशीनें मंगाई जा रही हैं। टिड्डियों के हमले से किसानों को निजात दिलाने के लिए कृषि मंत्री ने कीटनाशक कंपनियों के प्रमुखों और अन्य प्रतिनिधियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत भी की थी।

हरियाणा के सिरसा, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और रेवाड़ी में हाई अलर्ट

हरियाणा के सिरसा, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और रेवाड़ी जिलों में टिड्डियों की खतरा है। टिड्डियों का एक बड़ा झुंड राजस्थान के जयपुर पहुंच चुका है तथा अब हरियाणा पर खतरा मंडरा रहा है।

हरियाणा के कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने कहा कि हमने कई जिलों को अलर्ट पर रखा है। हमने सभी किसानों को यह भी निर्देश दिया है कि अगर वे कोई भी टिड्डियों का दल देखते हैं तो उन्हें सरकार को सूचित करना चाहिए ताकि हम उन्हें मार सकें।

उन्होंने कहा कि हमने टिड्डियों को मारने के लिए पर्याप्त मात्रा में रसायनों की खरीद की है। सभी जिला कलेक्टरों को इस बारे में सूचित किया गया है। पाकिस्तान ने हमें समय पर सूचित नहीं किया ताकि हम कार्रवाई कर सकें। इस बार खतरा बहुत गंभीर है।

छत्तीसगढ़ में महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से टिड्डियों के आने की आशंका

राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में फसलों पर टिड्डी दल के हमले के मद्देनजर छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग और किसानों को सचेत किया गया है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि राजनांदगांव जिले में लाखों की संख्या में टिड्डियों के आने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

टिड्डी दल अमरावती (महाराष्ट्र) और मंडला (मध्यप्रदेश) आ चुका है। टिड्डी दल के संभावित हमले को लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। किसानों को अपनी फसलों को टिड्डी दल के हमले से बचाने का उपाय बताया जा रहा है तथा कृषि वैज्ञानिक सलाह दे रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव जिले में टिड्डी दल के प्रकोप से बचाव के लिए कलेक्टर ने जिला स्तरीय दल का गठन किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टिड्डी दल के नियंत्रण के लिए किसान दो प्रकार के साधन अपना सकते है। किसान शोर मचाकर, ध्वनि यंत्र बजा कर, टिड्डी दल को डरा कर भगा सकते हैं।

मध्य प्रदेश के 10 से 12 जिलों में टिड्डियों का हमला, जयपुर के रिहायशी इलाकों तक पहुंचा

मध्य प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य के 10 से 12 जिलों में टिड्डियों ने फसलों को नुकसन पहुंचाया है। केंद्रीय टीम के साथ प्रशासन के अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों में छिड़काव कर रहे हैं। किसान भी अपने स्तर पर इस खतरे से निपट रहे हैं।

संबंधित जिलों के कलेक्टर फसलों को हुए नुकसान का आकलन करा रहे हैं, ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जा सके। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार टिड्डी दल को नियंत्रित करने के लिए जिलों को 50 लाख रुपये आपदा राहत कोष से स्वीकृति किए गए हैं। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में टिड्डियों के हमले से कपास और किन्नू की फसल को भारी नुकसान हुआ है तथा टिड्डियों का दल जयपुर के रिहायशी इलाकों तक भी पहुंच गया है।

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