चेक बाउंस के प्रकरणों के निराकरण के लिए लोक अदालत 20 अप्रैल को

जगदलपुर: न्यायालयो में लंबित चेक बाउंस के प्रकरणों का आपसी सुलह से निराकरण के लिए 20 अपै्रल को जगदलपुर में वृहद लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट ने बताया कि न्यायालयों में लंबित चेक बाउंस के प्रकरणों का पक्षकारों के मध्य आपसी राजीनामे से निराकरण के लिए पूरे प्रदेश में लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश अरविन्द कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में जगदलपुर में 20 अप्रैल को लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि लोक अदालतों में इन प्रकरणों के निराकरण के लिए जिला न्यायालय में सात खण्डपीठ गठित किए गए हैं और इन खण्डपीठों में धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के अन्तर्गत चेक बाउंस के 743 प्रकरण चिन्हित किए गए हैं।

चेक बाउंस में धारा 138 परक्रम्य लिखत अधिनियम के तहत प्रस्तुत मामला प्रमाणित पाए जाने पर अनावेदक को दो वर्ष की कारावास की सजा हो सकती है तथा जो चेक जारी किया गया है, उस चेक की रकम का दोगुना तक जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है।

लोक अदालत के माध्यम से ऐसे प्रकरणों का पक्षकारों के मध्य आपसी सुलह से निराकरण किया जा सकता है। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है और पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द्र भी बना रहता है। लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रचार- प्रसार किया जा रहा है।

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