लोक सभा निर्वाचन : छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा की अंतर्राज्यीय सीमावर्ती प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की हुई संयुक्त बैठक

मनोज मिश्रा

महासमुंद।

आगामी लोकसभा निर्वाचन 2019 के लिए जिले में तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है और प्रशासनिक स्तर पर कार्य संपादित किए जा रहे है। इसी तारतम्य में आज यहां जिला कार्यालय के सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा की अंतर्राज्जीय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक की संयुक्त बैठक संपन्न हुई।

आज यहां संपन्न बैठक में रायपुर के कमिश्नर जी.आर. चुरेन्द्र एवं पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा ने संयुक्त मार्गदर्शन देकर अधिकारियों को आपसी तालमेल एवं सहयोग से काम करने पर बल दिया।

बैठक में रायपुर संभागायुक्त जी.आर. चुरेन्द्र ने कहा कि आगामी लोकसभा निर्वाचन 2019 में किसी भी प्रकार के आपराधिक मामले नहीं होने पाए और यह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो, इसके लिए आवश्यक है कि छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा दोनों ही राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की आपसी तालमेल एवं समन्वय से कार्य संपन्न हो। उन्होंने आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को देखते हुए आपसी समझबुझ एवं सहयोगात्मक ढंग से कार्य करने पर बल दिया।

बैठक में पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा ने कहा कि आगामी लोकसभा निर्वाचन के सुचारू संपादन में दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य संवाद एवं संचार का एक कॉमन प्लेटफार्म पर होना चाहिए। दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों में आपसी तालमेल से एलर्ट होकर हर स्तर पर जांच प्रक्रिया चलाई जानी चाहिए, ताकि शराब, कैश, इत्यादि का मुवमेंट नहीं होने पाए। जहां-जहां जरूरी हो नाका पाईंट लगाकर जांच की कार्रवाई की जाए।

बैठक में कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने जिले की विभिन्न तैयारियों के संबंध में जानकारी दी और आवश्यक सहयोग का आग्रह किया, वहीं पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह ने ज्वाइंट नाकेबंदी सहित अन्य मुद्दों पर आपसी सहयोग के संबंध में चर्चा की।

बैठक में शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए सीमा पर एवं संपूर्ण जिले में अवैध शराबबंदी नगदी व अपराधियों की आवाजाही पर रोकथाम हेतु चर्चा की गई और इसे रोकने के कारगर उपाय करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा सीमा पर संयुक्त नाकेबंदी, सीमावर्ती पुलिस अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय के उपाय, अपराधियों वारंटियों की धरपकड़ व अपराधिक मामलों के निकाल हेतु सहयोग, सीमावर्ती क्षेत्र के नक्सल प्रभावित इलाकों से सूचनाओं के आदान-प्रदान के संबंध में चर्चा के साथ संपूर्ण क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रमुखों के सहयोग से संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग व पहचान तथा कार्रवाई के संबंध में, जिले के विभिन्न थानों में लंबित स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटी व जमानती वारंटों की शत-प्रतिशत तामीली के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में पूर्व में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान हुए घटनाओं के संबंध में भी चर्चा हुई।

आज यहां संपन्न बैठक में अन्य बिंदुओं के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं उनके समर्थकों के विरूद्ध लंबित अपराधिक प्रकरणों के निराकरण के संबंध में सहयोगात्मक चर्चा एवं संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र के मतदान केन्द्रों में सशस्त्र बल की तैनाती, चुनाव के पूर्व सभी राजनैतिक दलों के साथ उच्च स्तरीय (जिला स्तर पर) बैठक आयोजित कर उपरोक्त सभी बिंदुओं तथा उनके स्थानीय कार्यकर्ताओं को नियंत्रण में रखने संबंधी आवश्यक चर्चा की गई।

इसके अलावा जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्य राजमार्गों में वाहनों की सघन चेकिंग कर मादक पदार्थों, विस्फोटक, आर्म्स इत्यादि की तस्करी की रोकथाम हेतु उपाय संबंधी चर्चा तथा क्षेत्र में अग्नेय शास्त्र, लायसेंसधारियों के शस्त्र एवं कारतूस आदि की अतिशीघ्र सत्यापन तथा चुनाव के पूर्व उन्हें निकटतम थाने में जमा करने हेतु एवं अंतर्राज्यीय बस परिवहन संबंधी चर्चा हुई।

बैठक में धमतरी कलेक्टर रजत बंसल, गरियाबंद कलेक्टर श्री श्याम धावड़े, कलेक्टर बड़गढ़ इंद्रमणी त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक बड़गढ़ एम.के. भामू, पुलिस अधीक्षक गरियाबंद श्री एम.आर. आहिरे, एसपी धमतरी श्री बालाजी राव, डीएफओ महासमुंद श्री आलोक तिवारी, डीएफओ धमतरी श्री अभिताभ बाजपेयी, डीएफओ गरियाबंद आर.के. पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री शरीफ मोहम्मद खान, एसडीएम महासमुंद श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी, एसडीएम बागबाहरा श्री दीनदयाल मंडावी, एसडीएम पिथौरा श्री पी.सी एक्का, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बीएस. मरकाम, आबकारी अधिकारी धमतरी श्री एम.के जायसवाल, गरियाबंद श्री आशीष कोसम, महासमुंद श्री प्रवीण वर्मा सहित आबकारी विभाग, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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