लोकसभा चुनाव 2019 – यूपी फतह के लिए ‘मिशन गांव’ पर बीजेपी, RSS देगा साथ

मेरठ : शहरी क्षेत्रों में मजबूत पिलर माने जाने वाली बीजेपी अब गांवों को भी गढ़ बनाएगी। 2019 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए गांवों में जनाधार बढ़ाकर पैठ मजबूत करने की तैयारी में बीजेपी जुट गई है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इस मिशन में पूरी तरह से बीजेपी का साथ देगा। इस मिशन के तहत हर गांव में सामाजिक समरसता मंच के माध्यम से जातिवादी सोच को दूर कर सभी को एक सूत्र में बांधने का काम होगा। बीजेपी इसके जरिए दलितों और पिछड़ों को जोड़ने की मुहिम भी तेज करेगी।

एक सितंबर से ‘टी-20’ मुहिम
बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक यूपी में 73 प्लस का टारगेट फतह करने के लिए गांवों को गढ़ बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी थिंकटैक की सोच है कि दलितों और पिछड़ों को जोड़े बिना गैरबीजेपी दलों के संभावित गठबंधन को पटखनी देना मुश्किल होगा। थिंकटैंक के मुताबिक ज्यादातर दलित और पिछड़े ग्रामीण इलाकों में बसते हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों को टारगेट किया जाए। बीजेपी ने मेरठ में अपनी कार्यसमिति की बैठक के दौरान भी दलितों और पिछड़ों को जोड़ने के लिए हर बूथ पर ‘टी-20’ शुरू करने का खाका खींचा था। एक सितंबर से इस मुहिम पर काम शुरू हो जाएगा। बताया जा रहा है कि इस मुहिम के तहत हर बूथ पर 20 दलित और पिछड़ों को जोड़कर उनके समाज के लोगों के बीच बीजेपी जाएगी। घर-घर जाकर उनकी समस्या सुनी जाएगी और उसे दूर करने की कोशिश होगी।

हर गांव में समरसता केंद्र की तैयारी
गांव को गढ़ बनाने की बीजेपी की सोच को पुख्ता करने के लिए आरएसएस का समरसता मंच हर गांव में सामाजिक केंद्र खोलने की तैयारी में है। आरएसएस के सूत्रों के मुताबिक इन समरसता मंच पर जातिवादी व्यवस्था को दूर करने और सभी को एक सूत्र में बाधने की कोशिश के क्रम में हर सप्ताह या माह में दो बार मिलन और सहभोज कराया जाएगा। इसकी शुरुआत बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के दौरान मेरठ में की गई थी। यहां हर वर्ग के वर्करों से घर से खाना मंगवाकर बीजेपी के बड़े से लेकर छोटे वर्कर तक ने सामूहिक तौर पर खाना खाया था।

दलित-पिछड़ों को साथ लाने में सहयोग करेगा आरएसएस
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी की गांव को गढ़ बनाने की मुहिम को आरएसएस पूरी मदद करेगा। इसके जरिए समाज को एकजुट करने की कोशिश होगी। आरएसएस की तरफ से बीजेपी सरकार को लेकर गांवों में दलितों और पिछड़ों की शंकाएं दूर करने की भी कोशिश होगी। यहीं नहीं आरएसएस कुंभ के दौरान पड़ने वाले सभी त्योहारों के आयोजन गांवों में करके उसके जरिए भी दलितों और पिछड़ों को जोड़ने की तैयारी में है। रक्षाबंधन पर एक तरह से इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। इस मौके पर बीजेपी और संघ से जुड़ी महिलाएं दलित बस्तियों में राखी बंधवाने पहुंचीं। आरएसएस के मेरठ प्रांत प्रचार प्रमुख अजय मित्तल का कहना है कि दशहरा पर संयुक्त आयोजन करना भी तय किया गया है।

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