लोकसभा चुनाव : कमलनाथ ने माना, कांग्रेस को बहुमत नहीं मिलेगा

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में त्रिशंकु परिणाम आने का अनुमान लगाते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस ‘बहुत अच्छा’ प्रदर्शन करेगी लेकिन कांग्रेस को अपने दम पर बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है इसलिए दिल्ली में नई सरकार के लिए चुनाव के बाद गठबंधन जरूरी है. कांग्रेस के दिग्गज नेता ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा शासन में आने में सफल नहीं होगी क्योंकि इन्हें पर्याप्त सीटें नहीं मिलेंगी और न ही इनके साथ कोई गठबंधन करने जा रहा है.

कमलनाथ ने अपने आवास पर शनिवार की रात कहा, ‘‘बेशक हम बहुत अच्छा करने जा रहे हैं लेकिन हम खुद को बहुमत तक पहुंचते हुए नहीं देख रहे हैं और चुनाव के बाद गठबंधन होगा और चुनाव बाद का यह गठबंधन कई तरह का मिश्रण होगा.” कमलनाथ से पूछा गया था कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव में औसतन कितनी सीटों पर जीत दर्ज करेगी और क्या यह पार्टी केंद्र में सत्ता में आने के लिए गठबंधन करेगी? छिंदवाड़ा और पड़ोसी जिले में चुनाव प्रचार खत्म करने के बाद उन्होंने कहा, ‘‘अगर गठबंधन है तो गठबंधन फैसले लेगा. अभी दो तरह का माहौल है-एक भाजपा विरोधी और दूसरा भाजपा समर्थक. भाजपा समर्थकों की संख्या बहुत कम है और आप देख रहे हैं कि पूरा राजनीतिक परिदृश्य ही भाजपा विरोधी है.” उन्होंने कहा, ‘‘ इसलिए जो भी संख्या आएगी देखा जाएगा.

बीजेपी को केंद्र में सरकार बनाने की उम्मीद है लेकिन यह दूर की कौड़ी है. ना तो उसे पर्याप्त सीटें मिलेंगी और ना ही उसके साथ कोई गठबंधन करेगा.” मुख्यमंत्री से जब पूछा गया कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे तो उन्होंने विश्वास के साथ कहा,‘‘ बेशक, अगर हमारे पास संख्या होगी तो राहुल गांधी प्रधानमंत्री होंगे.”

कांग्रेस पार्टी की न्यूनतम आय गारंटी योजना ‘न्याय’ के बारे में बात करते हुए नौ बार छिंदवाड़ा से सांसद रहे कमलनाथ ने कहा कि गरीब लोगों को 72,000 रुपये प्रति वर्ष देना ‘‘एक क्रांतिकारी योजना है और इससे पांच करोड़ परिवार गरीबी से बाहर आ जाएंगे.” उन्होंने कहा, ‘‘ हम इसे आसानी से कर लेंगे क्योंकि हमारे पास संसाधन हैं सवाल संसाधन के आवंटन का है.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर आयकर विभाग के छापे राजनीति से प्रेरित थे. दिल्ली और मध्य प्रदेश में सात अप्रैल को 52 स्थानों पर छापे मारे गए थे. कमलनाथ के पूर्व विशेष ड्यूटी अधिकारी प्रवीण कक्कड़, सलाहकार राजेंद्र मंगलानी और उनके रिश्तेदार के कई स्थानों पर छापेमारी हुई थी. इस अभियान में कथित तौर पर कक्कड़ के करीबी अश्विनी शर्मा से जुड़ी संपत्तियों को भी दायरे में लाया गया.

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