लोकायुक्त ने रिश्वतखोर हेड क्लर्क रंगे हाथों पकड़ा

इंदौर। लोकायुक्त ने सामाजिक न्याय विभाग के हेड क्लर्क को 15 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। ये सरकारी कर्मचारी एक एनजीओ की शिक्षिकाओं का वेतन जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। लोकायुक्त टीम ने इस हेड क्लर्क को रंगे हाथों पकड़ा। अब विभाग ने उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की तैयारी की है।

जानकारी के मुताबिक नवलखा स्थित एनजीओ बाल भवन में मंदबुद्धि बच्चों को पढ़ाया जाता है और इसके लिए संस्था में शिक्षिकाएं आती हैं। इन्हीं शिक्षिकाओं का वेतन इस भ्रष्ट क्लर्क ने रोक रखा था। यह वेतन सरकार से अनुदान के रूप में आता है और सामाजिक विभाग द्वारा जारी किया जाता है। लेकिन विभाग का हेड क्लर्क हेमंत मुरमकर रिश्वत के लालच में शिक्षिकाओं का वेतन जारी नहीं कर रहा था। जब उससे बात की गई तो उसने रिश्वत की मांग की। परेशान हो चुके एनजीओ के अधिकारियों ने 15 हजार रुपए देना तय किया। लेकिन इस रिश्वतखोर की शिकायत लोकायुक्त से भी की।

रिश्वत लेते कोई देखे ना इसलिए हेड क्लर्क ने तीसरे शनिवार का अवकाश होने के बावजूद एनजीओ के अधिकारियों को कलेक्टर कार्यालय बुलाया। एनजीओ के अधिकारियों ने इसकी जानकारी लोकायुक्त को दी।

इस पर लोकायुक्त ने ट्रैप तैयार किया। लोकायुक्त पुलिस ने अपने कुछ अधिकारी-कर्मचारी एनजीओ के पदाधिकारियों के साथ भेजे। हेड क्लर्क हेमंत मुरमकर ने जैसे ही रिश्वत के रुपए जेब में रखे, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

इस भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी के बारे में ये भी पता चला है कि ये धार में रहते हुए भी एक बार आर्थिक अनियमितताओं के चलते सस्पेंड हो चुका है।

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