लोकसभा चुनाव – 2019 आदर्श आचरण संहिता के अनुरूप काम करें अधिकारी: कलेक्टर

सरकारी कर्मचारियोें के अवकाश पर लगा प्रतिबंध

– आलोक मिश्रा

बलौदाबाजार: कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कार्तिकेया गोयल ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रभावशील आदर्श आचरण संहिता के अनुरूप काम करने के निर्देश सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों की बैठक में आज कहा कि कि आचरण संहिता के लागू होने तक सभी शासकीय कर्मी भारत निर्वाचन आयोग के अधीन प्रतिनियुक्ति पर आ गए हैं।

उन्होंने चुनाव संपन्न होने तक सभी प्रकार के अवकाश प्रतिबंधित कर दिए है। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने निर्धारित मुख्यालय पर रहना सुनिश्चित करें और चैबीसों घण्टे मोबाईल फोन चालू रखें। उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचरण संहिता की विस्तृत जानकारी से उन्हें अवगत कराकर कठोरता से इनका पालन सुनिश्चित करने को कहा है। बैठक में पुलिस अधीक्षक नीतु कमल, जिला पंचायत के सीईओ एस.जयवर्धन, डीएफओ विश्वेश कुमार, अपर कलेक्टर जोगन्द्र नायक सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर गोयल ने बैठक में कहा कि आचरण संहिता के प्रभावशील होने तक किसी भी प्रकार के नए निर्माण, भूमि-पूजन, शिलान्यास और लोकार्पण आदि पर पूर्ण निषेघ रहेगा। सभी विभाग 48 घण्टे के भीतर प्रगतिरत एवं अप्रारंभ निर्माण कार्यों की सूची जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे, जो संकलित करके मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपी जाएगी। आदर्श आचार संहिता के प्रावधान निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, शासकीय कर्मचारियों, अधिकारियों सभी पर बंधनकारी होंगे।

संहिता लागू होने के तत्काल बाद प्रचार-प्रसार संबंधी सभी तरह की होर्डिंग बैनर पोस्टर हटा लिए जाएं। शासकीय संपति विरूपण के विरूद्ध भी कार्रवाई करके रिपोर्ट दें। उड़नदस्ता दलों द्वारा भी इस पर निगरानी रखी जाए। सरकारी खर्चे पर किसी तरह का विज्ञापन जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्री, विधायक आदि के साथ यदि कोई कर्मचारी-अधिकारी संलग्न हैं, तो उन्हें तत्काल वापस बुला लिया जाए। यह ध्यान रखा जाए कि सुरक्षा बलों और उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार-प्रसार में नहीं किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि आचरण संहिता के दौरान नई नियुक्ति, पदोन्नति, तबादला पर प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी का पूर्व में तबादला हो गया है, और आचार संहिता के दौरान कार्य पर उपस्थित होता है, तो उसकी उपस्थिति मान्य नहीं की जाएगी।

इसके लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से प्रशासकीय विभाग के माध्यम से अनुमति अनिवार्य होगी। उन्होंने कहा कि मंत्री के जिले में यात्रा के दौरान कोई सरकारी अधिकारी साथ में नहीं जाएगा। मनरेगा के पहले से स्वीकृति कार्य चलते रहंेगे। विभिन्न सरकारी येाजनाओं के अंतर्गत नए प्रकरण नहीं बनाए जाएंगे। पूर्व के हितग्राहियों को यथावत लाभ मिलता रहेगा।

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