छत्तीसगढ़

कांग्रेस में असहयोगियों की लंबी फेहरिस्त, पार्टी को कार्रवाई के लिए थामना होगा कलेजा

अंकित मिंज

बिलासपुर। कांग्रेस ने प्रत्याशियों की घोषणा करने के साथ ही सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए थे कि पार्टी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करें लेकिन ऐसे कांग्रेसियों की संख्या अधिक है,

जिन्होंने पार्टी के निर्देशों के विपरीत जाकर असहयोग किया लेकिन चुनाव के समय जिन बड़े.बड़े पदाधिकारियों पर चुनाव के समय प्रत्याशियों के पक्ष में काम न करने गंभीर आरोप हैं,

ऐसे बड़े नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में प्रदेश नेतृत्व के हाथ कांप रहे हैं।
संकल्प शिविर में किए गए वायदे को तोड़ा: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिले की सभी विधानसभा सीटों पर संकल्प शिविर आयोजित किये गए।

इसमें सबसे पहला विषय था उक्त विधानसभा से कौन कौन लोग चुनाव लडऩा चाहते हैं। इसके बाद तीन मिनट के अन्दर उनको अपनी बात रखने का मौका दिया जिसमें दावेदारों ने बताया कि पिछले चुनाव में पार्टी से असहयोग क्यों किया था। तीसरे में सभी ने संकल्प लिया कि कांग्रेस से किसी को भी टिकट मिलेगा। हम उनका साथ देगें लेकिन संकल्प लेने वाले अधिकांश नेताओं ने विधानसभा चुनाव में हाथ खींच लिए थे।

कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी ने नहीं पूछा

बिलासपुर, बेलतरा, बिल्हा के कार्यकर्ता यह कहते घूमते फिर रहे थे कि प्रत्याशी द्वारा हमें नहीं पूछा गया। कोई दायित्व नहीं दिया गया तो अपने मन कैसे कोई काम कर लेगें। तखतपुर के नेता इधर-उधर भागते रहे। चुनाव करीब आया तो पार्टी बदल ली।

कुछ ने अपने सामाजिक वोटों को दूसरी पार्टी में देने का इशारा कर दिए। कोटा में कार्यकर्ताओं की जानकारी लेने में प्रत्याशी का पसीना बहाना पड़ा। मरवाही में भी दूसरे पार्टी को मदद करते नजर आए। कुछ प्रत्याशियों का मानना है कि अगर परिणाम ठीक.ठाक आ गया तो ठीक अन्यथा बड़ों को नहीं छोड़ा जाएगा। एक प्रत्याशी ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि कड़े निर्देश के बावजूद इस बार फिर असहयोग किया गया है।

सूत्रों का कहना है कि सभी की सूची तैयार हो गई है और परिणाम के बाद भेज दी जाएगी।
अरुण तिवारी ने वापस लिया नारा: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण तिवारी ने ऐन मौके पर अपना चॢचत नारा सेठ तो ग्यो वापस ले लिया जबकि उन्होंने यह नारा दिया था ताकि शहर के लोग जान सकें कि किस प्रकार से शहर की अनदेखी की गयी है। नारे के पीछे और कई चीजें थी जो समय-समय पर अरुण तिवारी बताते रहे।

बिलासपुर विधानसभा:

नाम: अशोक अग्रवाल, अटल श्रीवास्तव, अभय नारायण राय, वाणी राव, संध्या तिवारी, अरुण तिवारी,
सीपी वाजपेयी बैजनाथ चंद्राकर सहित कई बड़े नेता दूसरे विधानसभा क्षेत्र में प्रचार कर रहे थे। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने जब
इनके ऊपर दबाव बनाया, तब शहर लौट कर चुनाव में लगे।
काम: विधानसभा में रहकर कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करने, कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने रणनीति बनाने और प्रत्याशी के साथ चलने का फरमान जारी किया गया था।

आरोप: जमीनी स्तर पर काम नहीं किया, असहयोग किया गया। सभी
कार्यकर्ताओं को साथ लेकर नहीं चले।

बेलतरा विधानसभा

नाम: त्रिलोक श्रीवास, रमेश कौशिक, अनिल राठौर, अजय सिंह, पिनाल उपवेजा सहित अन्य।
काम: क्षेत्र में रहकर अलग.अलग जगहों की जिम्मेदारी संभालने का निर्देश
दिए थे। लेकिन किसी ने नहीं किया।

आरोप: सबसे ज्यादा दावेदार वाली सीट में अधिकांश पदाधिकारियों.कार्यकर्ताओं ने साथ नहीं दिया।

बिल्हा विधानसभा

नाम: विजय वर्मा, अंम्बालिका साहू, जागेश्वरी वर्मा सहित अन्य।
काम: खुलकर असहयोग किया और बड़े नेताओं ने इन्हें काफी मनाया पर काम नहीं आया।

आरोप:

दूसरी विधानसभा में जाकर प्रचार कर रहे थे। खुलेआम असहयोग
करने की भी शिकायतें आम रही हैंं।

मस्तूरी विधानसभा: नाम: महेन्द्र गंगोत्री, मीना आडिल,अशोक सूर्यवंशी सरोज डहरिया।
काम: अलग-अलग जगहों पर पहुंचकर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का निर्देश मिला था। पर निर्देश नहीं माना।

आरोप: दूसरे विधानसभा क्षेत्र में प्रचार किया। कुछ ने असहयोग कर दूसरी पार्टी की मदद की।

तखतपुर विधानसभा: नामः शिव बालक कौशिक, नरोत्तम , जितेन्द्र सहित अन्य।
काम: अपनी-अपनी पकड़ वाले क्षेत्र में कांग्रेस का प्रचार प्रसार करने का निर्देश मिला था।

आरोप: असहयोग किया गया। दूसरी पार्टी के लिए काम किया।

कोटा विधानसभा:

नाम: उत्तम वासुदेव, भगत सिंह, संतोष साहू ।
काम: कांग्रेस के साथ मिलकर प्रचार प्रसार करने का निर्देश मिला था।

अरोप: असहयोग किया गया दूसरे पार्टी के लिए काम करने का आरोप।
प्रत्याशियों की नहीं दी गई है।

सूची:

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने निर्देश दिए हैं कि चुनाव में प्रत्याशी के पक्ष में काम न करने वाले और अच्छा काम करने वालों की सूची उपलब्ध करायी जाय। अभी तक प्रत्याशियों ने सूची नहीं दी है, जैसे सूची मिलेगी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी जाएगी।

Summary
Review Date
Reviewed Item
कांग्रेस में असहयोगियों की लंबी फेहरिस्त, पार्टी को कार्रवाई के लिए थामना होगा कलेजा
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags