कोरबा, कटघोरा में जिताऊ चेहरे की हो रही तलाश

कोरबा विधानसभा क्षेत्र कटघोरा विधानसभा क्षेत्र

कोरबा में आसान नहीं

होगी भाजपा की राह 

कटघोरा में आ सकता

उलटफेर वाला नतीजा

जयसिंह अग्रवाल

लखन देवांगन साल 2003 के परिसीमन में कटघोरा, पाली और कोरबा के हिस्सों को शामिल कर अस्तित्व में आई कोरबा सामान्य सीट पर छत्तीसगढ़ बनने के बाद से अब तक कांग्रेस का कब्जा बना हुआ है। कोरबा में वर्तमान में जयसिंह अग्रवाल कांग्रेस से विधायक चुने गए हैं। वहीं कटघोरा में सामान्य सीट पर ज्यादातर कांग्रेस के विधायक चुने गए। कटघोरा क्षेत्र में अविभाजित मध्यप्रदेश के दौर में कांग्रेस के विधायक चुन कर विधानसभा में पहुंचते रहे हैं। वर्तमान में कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का कब्जा है।

रायपुर: साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कोरबा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के जयसिंह अग्रवाल ने जीत हासिल की। वहीं भाजपा ने बनवारी लाल अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में कांग्रेस के जयसिंह अग्रवाल ने सीधे मुकाबले में भाजपा के बनवारी लाल अग्रवाल को 587 मतों से हरा कर कांग्रेस की जीत का खाता खोला। कांग्रेस के जयसिंह अग्रवाल को 48277 मत मिले वहीं भाजपा के बनवारी लाल अग्रवाल को 47690 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में कोरबा विधानसीट पर कांग्रेस ने जयसिंह अग्रवाल को दोबारा अपना प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में कांग्रेस अपनी जीत बचा पाने में कामयाब रही। वहीं भाजपा ने प्रत्याशी बदलते हुए योगेश लांबा को अपना प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस जयसिंह अग्रवाल ने भाजपा के योगेश लांबा को सीधे मुकाबले में 14459 मतों से हराया। कांग्रेस के जयसिंह अग्रवाल को 72396 मत मिले वहीं भाजपा के योगेश लांबा को 57937 मतों से संतोष करना पड़ा।

आने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस किसे अपना उम्मीदवार बनाती है ये तो समय तय करेगा पर इस बार भाजपा कोरबा में आरपार की लड़ाई कर रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस अपने सीटिंग एमएलए को दोबारा उम्मीदवार बना सकती है वहीं भाजपा के सामने दावेदारों की भीड़ से निपटने की चुनौती होगी।

2013 में ढहा था कांग्रेस का गढ़

कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में साल 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बोधराम कंवर को अपना उम्मीदवार बनाया था। सामान्य वर्ग की सीट पर अनुसूचित जाति के उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाए जाने की कांग्रेस की रणनीति कायम रही। और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर भाजपा ने बनवारी लाल अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया था।

इस चुनाव में कांग्रेस के बोधराम कंवर ने भाजपा के बनवारी लाल अग्रवाल को सीधे मुकाबले में 3853 मतों से हराया। कांग्रेस के बोधराम कंवर को 79049 मत मिले वहीं भाजपा के बनवाली लाल अग्रवाल को 75196 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दोबारा बोधराम कंवर को अपना उम्मीदवार बनाया। इस बार भी उनका सामना अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के बनवारी लाल अग्रवाल से था। इस चुनाव में कांग्रेस को दोबारा जीत हासिल हुई। कांग्रेस बोधराम कंवर भाजपा के बनवारी लाल अग्रवाल को कड़े मुकाबले में 587 मतों के मामूली अंतर से हराने में कामयाब रहे। इस चुनाव में कांग्रेस के बोधराम कंवर को 48277 मत मिले वहीं भाजपा के बनवारी लाल अग्रवाल को 47690 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कटघोरा विधानसभा चुनाव में लगातार दो बार जीत हासिल करने वाले बोधराम कंवर को तीसरी बार अपना उम्मीदवार बनाया। इस बार एंटीइनकम्बेंसी फैक्टर की वजह से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, वहीं भाजपा ने अपने उम्मीदवार को बदल कर नए चेहरे को मैदान में उतारा। इस चुनाव में भाजपा की चाल सफल रही और भाजपा के लखन लाल देवांगन जीत हासिल कर कांग्रेस के गढ़ को ढहाने में कामयाब रहे।

इस चुनाव में भाजपा के लखनलाल देवांगन ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के बोधराम कंवर को 13130 मतों से हराया। भाजपा के लखनलाल देवांगन को 61646 मत मिले वहीं कांग्रेस के बोधराम कंवर को 48516 मतों से संतोष करना पड़ा।

आने वाले चुनाव में कटघोरा विधानसभा में भाजपा को अपनी जीत बचाने की चुनौती होगी वहीं कांग्रेस इस बार किसे अपना उम्मीदवार बनाती है, ये आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।

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