लोरमी विधानसभा: स्थानीय को मिले टिकट, थोपे गए प्रत्याशी का होगा विरोध

मनीष शर्मा :

मुंगेली/लोरमी :

प्रदेश में विधानसभा चुनाव को एक महीने ही बाकी हैं, चुनाव को लेकर जहां एक ओर राजनीतिक पार्टियां अपनी कमर कसके तैयार हो गयी है। इसी कड़ी में लोरमी विधानसभा जो कि प्रदेश में हाईप्रोफाइल सीट मानी जाती है जहां लगातार तीन पंचवर्षीय कांग्रेस का दबदबा रहा और धर्मजीत सिंह विधायक रहे लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बाजी मारी थी

और संसदीय सचिव तोखन साहू निर्वाचित हुए अब इसी सीट को लेकर स्थानीय मतदाताओं में स्थानीय प्रत्याशी को लेकर मांग तेजी से उठ रही है। लोगो की मांग है कि इस बार विधानसभा चुनाव में लोरमी विधानसभा से बीजेपी पार्टी द्वारा किसी भी स्थानीय व्यक्ति को उम्मीदवार घोषित किया जाए ताकि आगामी चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला हो।

संसदीय सचिव, विधायक तोखन साहू के टिकट काटने की प्रबल सम्भावनको देखते हुए विधानसभा चुनाव को लेकर लोरमी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा से टिकट पाने की दौड़ में शामिल आधा दर्जन से अधिक भाजपा नेताओं ने स्थानीय एवं बाहरी प्रत्याशी के मुद्दे को लेकर एकजुटता दिखाते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर तमाम बड़े नेताओं से मिलकर स्थानीय प्रत्याशी घोषित किए जाने की मांग की है।

मुंगेली जिले के 2012 में अस्तित्व में आने के बाद हुए चुनावों में लोरमी विधानसभा से सभी राजनीतिक दलों ने दूसरे विधानसभा या शहर से दूर रहने वालों को प्रत्याशी बनाया जो स्थानीय कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ धोखा है।

जिन्होंने सालों से अपने पार्टी में समर्पित भाव से जमीनी स्तर में मेहनत की उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। बीजेपी कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने इस बार बाहरी कार्यकर्ता को बीजेपी से टिकट नही देने की माँग की है, साथ ही लोरमी विधानसभा के नाम से बनायें गए व्हाट्सअप ग्रुप जिसमे वर्तमान विधायक तोखन साहू सहित लोरमी के सभी बीजेपी पदाधिकारी शामिल हैं, ”

उस ग्रुप में बीजेपी के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने बिलासपुर लोकसभा के वर्तमान सांसद लखनलाल साहू के प्रत्याशी बनाये जाने की संभावना को देखते हुए लोरमी विधानसभा से टिकट नहीं देने विरोध कर रहे हैं,

उन्होंने लोरमी के वर्तमान विधायक को लोकप्रिय बताते हुए भाजपा से जनपद अध्यक्ष वर्षा सिंह, गुरमीत सलूजा, या विनय साहू स्थानीय किसी भी कार्यकर्ता को चुनाव लड़ाने से जीत सुनिश्चित होने और सांसद को लोरमी से चुनाव लड़ाने की स्थिति में बुरी तरह हार जाने का दावा पोस्ट के माध्यम से किया है,

साथ ही उन्होंने यह भी पोस्ट किया है कि जो अपने क्षेत्र के बीजेपी कार्यकर्ता को नही पहचानते वो चुनाव नही जीत सकते”।इस प्रकार लोरमी बीजेपी में टिकट को लेकर अंतर्कलह देखा जा रहा है।

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