छत्तीसगढ़

भगवान बिरसा मुण्डा को मिले भारत रत्न – गणेश राम भगत

धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा जयंती समारोह संपन्न

रायपुर: अम्बिकापुर के माता राजमोहिनी भवन में शुक्रवार को धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा जी का 144 वीं जयंती समारोह पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा जयंती समारोह आयोजन समिति, अम्बिकापुर, सरगुजा के तत्वाधान में आयोजित इस समारोह में मुण्डा जनजाति समाज की परंपरा अनुसार पूजा अर्चना करने के पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया गया, जिसमें दर्रीपारा से वर्षा, किरण एवं साथियों द्वारा आरती गीत प्रस्तुत किया गया।
स्वागत गीत एवं स्वागत के पश्चात रामलखन सिंह पैंकरा ने स्वागत उदबोधन में समारोह में उपस्थित अतिथियों एवं समस्त लोगों का स्वागत करते हुए समारोह के बारे में बताया। आयोजन समिति के अध्यक्ष रामचंद्र राम मुण्डा ने भगवान बिरसा मुण्डा जी जे जन्मस्थान में पहली बार जाने का अनुभव साझा किया एवं उनकी शिक्षा झूठ न बोलें, शराब का सेवन न करें आदि का वर्णन किया।
समिति के संरक्षक बंशीधर उराँव ने बताया कि आदिवासी समाज आदिकाल से महादेव – पार्वती की पूजा करते आ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एक विशेष समुदाय के षड्यंत्र के कारण गोत्र लिखा जा रहा है, जिससे उराँव समाज की पहचान नहीं बन पा रही है, पूर्व में उराँव समाज में भगत, उराँव जैसे टाइटल लिखा जाता था।
सरगुजा के वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिंह मेजर ने कहा कि लंबे समय से गणेश राम भगत जी के साथ जनजाति विषयों को लेकर काम किये हैं, समारोह की अध्यक्षता कर रहे संत गहिरा गुरु जी के ज्येष्ठ पुत्र बब्रुवाहन सिंह महाराज ने कहा कि अल्प समय में इस कार्यक्रम को किया गया, यह प्रशंसनीय है, समस्त जनजाति समाज को एकजुट रहकर समाज को आगे ले जाने का आह्वाहन किये।
मुण्डा समाज, महिला विंग की प्रदेश सचिव सुजाता मुण्डा ने बिरसा मुण्डा जी के बारे में बताया कि उनका जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलिहातु में हुआ था, उन्होनें उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
समारोह के मुख्य वक्ता गणेश राम भगत ने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा को यह बात समझ में आ गया था कि ईसाई मिशनरी अंग्रेजों के साथ मिलकर एक ही काम कर रहे हैं, उनको लगा कि धरती हमारी है, यह जंगल हमारा है, यह जमीन हमारी है, इसलिए हम कहते भी हैं कि जल – जल – जंगल जमीन हमारा है, उनको ध्यान में आया कि मैं गलत जगह में फंस गया हूं और यहां से मुक्ति पाना चाहिए।
उन्होंने आदिवासी समाज को एकजुट किया, उस समय ईसाई मिशनरी अंग्रेजों के साथ मिलकर और जमींदार लोग तीनों ही जनजाति समाज को उसकी संस्कृति एवं धर्म से विमुख करना चाहते थे, ये तीनों हमारी जमीन को लूटकर हमको बेदखल कर दिए। उनको लगा कि मुझे नेतृत्व करना चाहिए, मुझे आगे आना चाहिए और उन्होंने इस काम को हाथ में लिया और पूरा जनजाति समाज उनके साथ खड़ा हो गया।
हजारों की संख्या में लोग उनके साथ खड़े हो गए। एक बार खूंटी के थाने को भगवान बिरसा मुण्डा ने हजारों की संख्या में घेराव किया था। जनजाति समाज को संगठित कर उलगुलान क्रांति किया। उन्होनें सरगुजा की धरती से केन्द्र सरकार से भगवान बिरसा मुण्डा को भारत रत्न देने की मांग की, और कहा कि इसके लिए दिल्ली भी जाना पड़े तो जाऊंगा।
उन्होनें जनजाति संस्कृति को दर्शाने के लिए हर जनजाति समाज के लोगों के घर में मांदर रखने एवं अपनी संस्कृति, बोली – भाषा, रीति – रिवाज को बचाये रखने का आहवाहन किया।
मुण्डा समाज के राष्ट्रीय सह सचिव किसुन बरला ने मुण्डारी भाषा में गीत सुनाते हुए समारोह को संबोधित किया। समारोह को कंवर समाज के संभागीय सचिव उपेन्द्र सिंह पैंकरा ने भी संबोधित किया। मंच में डॉ आजाद भगत, दिलराज मुण्डा, एडवर्ड तिर्की, के एन राम आदि उपस्थित रहे।
समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखा गया, जिसमें बिशुनपुर की पावन पूर्णाहुति भगत, सुनिधि पैंकरा एवं साथियों द्वारा आदिवासी नृत्य, गंगापुर के आदित्य मुण्डा, शकुन्तला मुण्डा एवं साथियों द्वारा मुण्डारी गाने में सामूहिक नृत्य, उराँव समाज से बलमनी प्रधान, फूलकुमारी एवं साथियों द्वारा आदिवासी नृत्य, आशा तिर्की, अनिता भगत एवं साथियों द्वारा करमा नृत्य, दर्रीपारा से वर्षा मुण्डा, किरण मुण्डा एवं साथियों द्वारा करमा नृत्य, गोरसीडबरा की आशा बड़ा एवं साथियों द्वारा कुड़ुख में शादी गीत की प्रस्तुति की गयी।
समारोह में कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन आयोजन समिति के सचिव इन्दर भगत ने किया। समारोह में मुख्य रूप से समिति के सह कोषाध्यक्ष कमलेश टोप्पो, उपाध्यक्ष शिवनाथ मुण्डा, बालकेश्वर तिर्की, संरक्षक बिहारी सिंह, राम रतन मुण्डा, बचचु राम मुण्डा, प्रवीण कुमार भगत, सह सचिव तरुण भगत, संजीव उराँव प्रबंध समिति से योगेश मुण्डा,
संतोष मुण्डा, रामप्रताप मुण्डा, गोपाल मुण्डा, शोभित मुण्डा, रमेश मुण्डा, आरती माला,सोनिया मुण्डा, दीपक सिंह कोरवा, उमेश भगत, अंकित तिर्की, दीपक भगत, विकास कुमार बड़ा, उमेश किस्पोट्टा, सचिन भगत, विकास भगत, राहुल सरदार, संजय मुण्डा, बबलू मुण्डा सहित बड़ी संख्या में सम्पूर्ण समाज के लोग समारोह में उपस्थित रहे।

Tags
Back to top button