खेल

अलविदा 2017 : शूटिंग में मेहुली ने जगाई उम्मीदें

अलविदा 2017 : शूटिंग में मेहुली ने जगाई उम्मीदें

जालन्धर : निशानेबाजी के लिए 2017 मिले-जुले असर लेकर आया। महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल वर्ग में सज्जनार, पूजा घाटकर, अपूर्वी चंदेला और अंजुम मुद्गल के बीच टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा रही। 16 बरस की मेहुली घोष ने भारतीय टीम की ताकत बढ़ाई। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में रवि कुमार और दीपक कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। दोनों अभिनव ङ्क्षबद्रा के संन्यास के बाद खाली हुई जगह भरने की तैयारी में जुटे हैं। नारंग ने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता। संजीव राजपूत और सत्येंद्र सिंह ने ब्रिसबेन में राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप में क्रमश: रजत और स्वर्ण जीता। राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के टूर्नामैंट में भारत की झोली में 20 पदक गिरे। जापान में खेली गई एशियाई एयरगन चैम्पियनशिप में भारत ने 21 पदक और युवा ओलिम्पिक के 4 कोटा स्थान हासिल किए।

कॉमनवैल्थ से शूटिंग हटने की खबर ने भी दिया झटका : निशानेबाजी को वर्ष के आखिर में हालांकि करारा झटका लगा क्योंकि बॄमघम में 2022 में होने वाली राष्ट्रमंडल खेलों में लाजिस्टिक से जुड़े मसलों के कारण इसे हटाया जा सकता है। भारतीय निशानेबाजों में से इलावेनिल वालारिवन, मेघना सज्जनार, मेहुली घोष, अनीश भानवाला, शपथ भारद्वाज ने उम्दा प्रदर्शन किया। इनके साथ ही सौरभ चौधरी, अखिल शेरोन, यशस्विनी सिंह देसवाल और अंगद वीर सिंह बाजवा के प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि भारतीय निशानेबाजी का भविष्य उज्ज्वल है। सीनियर स्तर पर डबल ट्रैप निशानेबाज अंकुर मित्तल ने कामयाबी की नई दास्तान लिखते हुए आई.एस.एस.एफ. विश्व कप में रजत और स्वर्ण पदक जीता।

सबसे बड़ा बदलाव : अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति ने टोक्यो ओलिम्पिक 2020 से ओलिम्पिक पदकों में लैंगिक समानता लाने के मकसद से अपने टूर्नामैंटों के नियमों में बदलाव किया है। डबल ट्रैप, प्रोन, 50 मीटर पिस्टल अब ओलिम्पिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं और मित्तल, जीतू राय तथा गगन नारंग जैसे दिग्गज निशानेबाज बदलाव को तैयार हैं।

Tags
Back to top button