करवाचौथ पर पति-पत्नी के प्यार को करें स्ट्रांग ये वास्तुटिप्स

सरगी खाते वक्त अपना मुंह दक्षिण पूर्व दिशा में रखें

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ पर्व मनाया जाता है। कुंवारी लड़कियां मनपसंद जीवनसाथी पाने के लिए ये व्रत रखती हैं तो सुहागन महिलाएं सदा सौभाग्यवती रहें, इस चाह में ये व्रत रखती हैं।

बहुत सारी ऐसी खुशनसीब फीमेल भी होती हैं, जिनके ब्वॉयफ्रेंड या पति उनके लिए व्रत करते हैं। करवा चौथ के व्रत को प्यार का प्रतीक कहा जाए तो गलत न होगा। वास्तु विद्वानों के अनुसार कुछ ऐसे वास्तु टिप्स भी हैं, जिन्हें अपनाकर प्यार के बंधन को स्ट्रांग किया जा सकता है।

सरगी खाते वक्त अपना मुंह दक्षिण पूर्व दिशा में रखें। माना जाता है की इससे घर में खुशहाली आती है।

कहते हैं करवा चौथ व्रत कथा सुनने के बाद पति-पत्नी को दक्षिण-पश्चिम दिशा में एकसाथ वक्त बिताना चाहिए।

चंद्रमा को अर्घ्य देते वक्त अपनी दिशा उत्तर-पश्चिम रखें। इससे घर-परिवार पर मंडरा रहे संकटों का नाश होता है।

बेड पर दो अलग-अलग गद्दे न रख कर एक बड़ा सिंगल गद्दा रखें।

हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए कभी भी फटी व गंदी चादर न बिछाएं।

शादीशुदा ज़िंदगी को हैप्पी और हेल्दी बनाए रखने के लिए बेडरूम में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होना चाहिए। इसके लिए ताजे फूलोंवाला फ्लॉवर पोर्ट, लवबर्ड, डांसिंग कपलवाले शोपीस और रोमांटिक तस्वीरें लगाएं।

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