मध्यप्रदेशराजनीति

Madhya pradesh by election 2020: सीएम शिवराज के सामने कमलनाथ, 28 सीट पर 10 को मतदान

प्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव के लिए 3 नबंवर को मतदान होना है.

भोपालः मध्य प्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनावी अभियान भाजपा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के इर्दगिर्द सिमट गया है.

मध्य प्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव के लिए दोनों ही बड़े दलों की तरफ से कई बड़े चेहरे मैदान में सामने आए थे, लेकिन अब चुनावी अभियान के केन्द्र में शिवराज और कमलनाथ ही दिखाई दे रहे हैं. मध्य प्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव के लिए 3 नबंवर को मतदान होना है.

मतदान के नतीजे 10 नबंवर को आएंगे. किस के हिस्से में क्या आया यह उसी दिन साफ होगा लेकिन अब जबकि सक्रिय चुनाव प्रचार के लिए हफ्ते भर का समय शेष बचा है, तब एक बात बड़ी साफ हो गई है कि प्रदेश के दोनों ही बड़े दलों का चुनावी अभियान मुद्दों के स्थान पर टिकाऊ, बिकाऊ, आइटम जैसे जुमलों पर सवार हो कर चल निकला है. चुनाव के मैदान में मुद्दे जैसे नदारद से हो गए हैं.

अंतिम चरण के चुनावी अभियान में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सबसे बड़े चेहरे के तौर पर प्रस्तुत हुए हैं. भाजपा के दूसरे नेताओं की तुलना में शिवराज की सभाएं सर्वाधिक हो रही हैं. इसके बाद राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुुख्यमंत्री उमाभारती, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, राज्य के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा की सभाएं हो रही हैं.

चुनाव अभियान के शुरुआती दौर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ-साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया की सभाएं भी खूब हो रही थीं. लेकिन जैसी ही कांग्रेस ने उनके और दूसरे विधायकों के दल बदल का मुद्दा गद्दार बनाम बफादार और 35 करोड़ रुपए में बिक गए के आरोप के साथ उठाया, भाजपा ने कांग्रेस आक्रमण की धार कम करने के लिए शिवराज सिंह चौहान को चुनावी अभियान के केन्द्र में लाकर खड़ा कर दिया. सिंधिया अब भी ग्वालियर चंबल क्षेत्र में चुनाव अभियान में जुटे हैं, लेकिन उनकी सभाएं इस इलाके से बाहर नहीं हो रही हैं.

कांग्रेस में चुनाव अभियान का सारा दारोमदार पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के कंधों पर है. कांग्रेस के चुनाव अभियान में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, सीमित भूमिका के साथ सक्रिय हैं. दिग्विजय सिंह कांग्रेस में रणनीति और प्रबंधन का काम संभाल रहे हैं. वहीं सुरेश पचौरी, अजय सिंह और अरुण यादव ने कुछ सभाएं जरूर ली हैं.

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