मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेशः 3 जनवरी को मंत्रिमंडल विस्तार, तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत सहित कई बनेंगे मंत्री

मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल नये मंत्रियों एवं मुख्य न्यायाधीश को पद की शपथ दिलाएंगी।

भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। यह जानकारी शुक्रवार को एक अधिकारी ने दी है।

चौहान ने 23 मार्च 2020 को अकेले मुख्यमंत्री की शपथ ली थी और उसके बाद से उनके मंत्रिमंडल का यह तीसरा विस्तार होगा। अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल का विस्तार तीन जनवरी को दोपहर करीब 12.30 बजे होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इसके बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक भी दोपहर करीब तीन बजे शपथ लेंगे।

मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल नये मंत्रियों एवं मुख्य न्यायाधीश को पद की शपथ दिलाएंगी। वह उत्तर प्रदेश की भी राज्यपाल हैं। रफीक वर्तमान में उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हैं और उन्हें वहां से स्थानांतरित कर 31 दिसंबर को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का नया मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।

मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही थी

मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को हुए उपचुनाव के परिणाम आने के बाद से ही इस मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही थी। इस उपचुनाव में भाजपा ने 28 में से 19 सीटें जीती थी, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को मात्र नौ सीटें मिली। इससे 230 सदस्यों के सदन में भाजपा की सीटें बढ़कर 126 हो गई, जबकि कांग्रेस विधायकों की संख्या 96 पहुंच गई।

जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हुए थे, इनमें से अधिकांश सीटें कांग्रेस विधायकों द्वारा इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने से खाली हुई थी। इस मंत्रिमंडल विस्तार में उपचुनाव में जीते भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों तुलसीराम सिलावट एवं गोविन्द सिंह राजपूत को शामिल किए जाने की संभावना है।

दोनों को पिछले साल 21 अप्रैल को चौहान के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था

इन दोनों को पिछले साल 21 अप्रैल को चौहान के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था, लेकिन तब वह विधायक नहीं थे। इसके चलते उन्हें नवंबर में हुए उपचुनाव से ठीक पहले छह माह पूरे होने से एक दिन पहले मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इस उपचुनाव में तीन मंत्री एदल सिंह कंसाना, इमरती देवी एवं गिर्राज दंडोतिया चुनाव हार गये, जिसकी वजह से उन्हें अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा है।

बीते 23 मार्च को कमलनाथ के स्थान पर मुख्यमंत्री बनने वाले शिवराज सिंह ने अपने मंत्रिमंडल का पहला विस्तार 21 अप्रैल को हुआ था। इसके बाद उन्होंने दूसरा विस्तार 2 जुलाई के माह में किया था, इस विस्तार में कैबिनेट के पहले विस्तार में शरीक हुए तुलसीराम सिलावट और गोविन्द राजपूत को पुन: शामिल किया जा रहा है, क्योंकि उन्हें बीते 10 नवंबर को विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के आने के पूर्व ही 21 अक्टूबर को इस्तीफा देना पड़ा था।

सिंधिया के साथ कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में आए थे और मंत्री बने हैं

क्योंकि उन्होंने बिना विधानसभा सदस्य बने मंत्री पद पर काबिज रहने की छह माह की अवधि को पूरा कर लिया था, प्रस्तावित विस्तार में सिलावट और राजपूत के अलावा बीजेपी मिल के पुराने 2 लोगों को भी मंत्रिमंडल मैं शरीक किया जा सकता है। गौरतलब है कि तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत, गत मार्च माह में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में आए थे और मंत्री बने हैं।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित कुल 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं, अब शिवराज सरकार में कुल 6 मंत्रीपद खाली हैं। शिवराज मंत्रिमंंडल के विस्तार पर तंज कसते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि पूरा देश वैक्सीन की तैयारी कर रहा है, वही मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी है।

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