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मध्यप्रदेश: रेहड़ी पटरी वालों से बोले पीएम मोदी- प्लास्टिक की बोतलों के बजाय मिट्टी के घड़ों का करें प्रयोग

कोविड-19 महामारी से प्रभावित रेहड़ी पटरी वालों को फिर से रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ की शुरुआत की है। इस आयोजन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश के सड़क विक्रेताओं के साथ ‘स्वानिधि संवाद’ किया। कोविड-19 महामारी से प्रभावित रेहड़ी पटरी वालों को फिर से रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ की शुरुआत की है। इस आयोजन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेयजल के लिए एक बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की बोतलों के बजाय मिट्टी के घड़ों का इस्तेमाल करें। साथ ही प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से सिर्फ 2 महीने में मध्यप्रदेश में 1 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स-रेहड़ी-पटरी वालों को स्वनिधि योजना का लाभ सुनिश्चित हुआ। ये पहली बार हुआ कि रेहड़ी-पटरी वाले लाखों लोगों के नेटवर्क को सही मायने में सिस्टम से जोड़ा गया।

पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें:-

मध्यप्रदेश और शिवराज जी की टीम को बधाई देता हूं। उनके प्रयासों से सिर्फ 2 महीने के समय में मध्यप्रदेश में 1 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स- रेहड़ी-पटरी वालों को स्वनिधि योजना का लाभ सुनिश्चित हुआ है।
इस योजना का मकसद है कि वो लोग नई शुरुआत कर सकें, अपना काम फिर शुरू कर सकें, इसके लिए उन्हें आसानी से पूंजी मिले। ये भी पहली बार हुआ है कि रेहड़ी-पटरी वालों के लाखों लोगों के नेटवर्क को सही मायने में सिस्टम से जोड़ा गया है, उनको एक पहचान मिली है।

ये एक ऐसी योजना है, जिसमें आपको ब्याज से पूरी तरह से मुक्ति भी मिल सकती है। इस योजना के तहत वैसे भी ब्याज में 7 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। लेकिन अगर आप कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको ये भी नहीं देना पड़ेगा।

हमारे रेहड़ी पटरी वाले साथी डिजिटल दुकानदारी में पीछे न रहे, इसके लिए बैंकों और डिजिटल पेमेंट की सुविधा देने वालों के साथ मिलकर एक नई शुरुआत की गई है। अब बैंको और संस्थाओं के प्रतिनिधि आपकी रेहड़ी, ठेले पर आएंगे और क्यूआर कोड देंगे। उपयोग कैसे करना है, ये भी बताएंगे।

रेहड़ी-पटरी या ठेला लगाने वाले भाई-बहनों के पास उज्जवला का गैस कनेक्शन है या नहीं, उनके घर बिजली कनेक्शन है या नहीं, वो आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हैं या नहीं, उन्हें बीमा योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं, उनके पास अपनी पक्की छत है या नहीं, ये सारी बातें देखी जाएंगी।

हमारे देश में गरीबों की बात बहुत हुई है लेकिन गरीबों के लिए जितना काम पिछले 6 साल में हुआ है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। हर वो क्षेत्र, हर वो सेक्टर जहां गरीब-पीड़ित-शोषित-वंचित, अभाव में था, सरकार की योजनाएं उसका संबल बनकर आईं।

हाल में सरकार ने शहरों में आप जैसे साथियों के उचित किराए में बेहतर आवास उपलब्ध कराने की भी एक बड़ी योजना शुरु की है। एक देश, एक राशन कार्ड की सुविधा से आप देश में कहीं भी जाएंगे तो अपने हिस्से का सस्ता राशन ले पाएंगे।

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